03
Gemini_Generated_Image_yb399pyb399pyb39
WhatsApp Image 2026-08-14 at 9.45.28 AM
previous arrow
next arrow
Shadow

दिल्ली: आबकारी घोटाले के सूत्रधार हैं केजरीवाल, जमानत याचिका पर सुनवाई में सीबीआई की दलील

एफएनएन, नई दिल्ली:  दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल की याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है। उन्होंने आबकारी नीति घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में याचिका दायर की है।

सीबीआई की तरफ से पेश हुए विशेष लोक अभियोजक डीपी सिंह ने कहा कि गिरफ्तारी वैध थी या नहीं, इसका परीक्षण सबसे पहले ट्रायल कोर्ट में किया जाता है। इसके बाद यह जमानत का आधार बन जाता है। यह मामला जांच के लायक नहीं है कि एक याचिका गिरफ्तारी को चुनौती दे रही है और दूसरी जमानत के लिए। दो प्रक्रिया एक साथ नहीं चल सकती है।

सीबीआई: जहां तक ​​अरनेश कुमार के मामले का सवाल है, अगर गिरफ्तारी अवैध है तो जांच अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही हो सकती है। कोर्ट ने माना है कि गिरफ्तारी अवैध नहीं है।

सीबीआई: सीबीआई में एजेंसी निर्णय लेती है और सामग्री होने पर गिरफ्तारी करती है और अदालत ने भी उचित ठहराया है। बचाव पक्ष का तर्क है कि आरोपपत्र दाखिल होने के बाद कुछ नहीं बचा है, लेकिन आरोपपत्र तो मनीष सिसोदिया और के. कविता के खिलाफ भी था। इसके बावजूद भी अदालत ने उनकी जमानतें खारिज कर दीं। सुप्रीम कोर्ट से भी सिसोदिया की जमानत खारिज हो चुकी है। केवल आरोप पत्र दाखिल होने से उन्हें यह अधिकार नहीं मिल जाता कि जमानत दी जाए।

सीबीआई: जमानत पर रिहा करने का कोई आदेश नहीं है, सिर्फ अंतरिम आदेश हैं। ईडी मामले में जमानत पर रोक अभी भी जारी है। वहीं, सुप्रीम कोर्ट से मिली अंतरिम जमानत संवैधानिक पीठ के समक्ष उत्पन्न होने वाली परिस्थिति पर निर्भर है।

सीबीआई: बचाव पक्ष कहता है कि सीबीआई की गिरफ्तारी दुर्लभ है। आज छह लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया गया है। पांच लोगों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। केवल कुछ ही गिरफ्तार किए गए हैं। केजरीवाल की अपनी पार्टी, कार्यकर्ता जवाब देने के लिए सामने आये।

सीबीआई: केजरीवाल की गिरफ्तारी के बगैर जांच पूरी नहीं हो सकती थी। एक महीने के अंदर एजेेंसी ने आरोप पत्र दाखिल किया है। इससे स्पष्ट है कि एजेंसी की जांच एडवांस स्टेज पर है।

सीबीआई: बीते एक महीने में जिस तरह के सुबूत सामने आए हैं। हम दिखाएंगे कि ये सिर्फ आरोप नहीं हैं, बल्कि पूरे आबकारी घोटाला के केजरीवाल सूत्रधार हैं।

सीबीआई: आप मीडिया प्रभारी विजय नायर सचिवालय का हिस्सा था और मीडिया प्रभारी था। नायर सभी से मिलता था और मगुंटा रेड्डी ने नायर से उसके कार्यालय में मुलाकात की थी। वहीं, के कविता ने नायर का मुलाकात करने के लिए फोन किया था। कविता से मिलने के लिए नायर हैदराबाद गया था। यह सब कुछ हम सुबूतों के आधार पर कह रहे हैं।

सीबीआई: केजरीवाल कैबिनेट के प्रमुख थे और उन्होंने आबकारी नीति पर हस्ताक्षर किया था। केजरीवाल ने ही इसे कोरोना महामारी के दूसरे लाकडाउन के दौरान इसे जल्दबाजी में एक दिन में भेजा था। ऐसे समय में यह क्यों हो रहा था। साउथ ग्रुप चाटर्ड प्लेन में दिल्ली आया था और यहां पर नीति के तैयार होने की निगरानी की।

सीबीआई: एक ही दिन में सभी हस्ताक्षर करते हैं और इसे मंत्रियों के समूह में रखा जाता है और यह पारित हो जाता है। सी. अरविंद सिसोदिया के अधीन कार्यरत आइएएस हैं और अरविंद का कहना है कि नायर साउथ ग्रुप से नीति की प्रति लाए थे जिसे उन्हें कंप्यूटर में डालने के लिए कहा गया था। इस दौरान केजरीवाल वहां मौजूद थे। यह मुख्यमंत्री की सीधी संलिप्तता को दर्शाता है।

WhatsApp Image 2023-12-18 at 2.13.14 PM
IMG-20260328-WA0026
previous arrow
next arrow

सीबीआई: करेंसी एक बार चली जाए तो उसका पता लगाना बहुत मुश्किल होता है। लेकिन हमने इस मामले में इसका पता लगाया है। 44 करोड़ रुपये गोवा जाता है। एजेंसी के पास इस बात के सुबूत हैं कि प्रत्येक उम्मीदवार को 90 लाख रुपये दिए जाने थे। केजरीवाल ने बयान में यह भी कहा कि पैसे की चिंता मत करो, सिर्फ चुनाव लड़ो।

सीबीआई: कोई कह सकता है कि इसका कोई प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं है। जब यह बात गवाह कह रहे हैं तो पंजाब प्रकरण तीन गवाहों और कोर्ट में दिए गए 164 के बयानों से भी स्पष्ट है। यह उसकी गिरफ्तारी के बाद ही संभव हो सका अन्यथा पंजाब के अधिकारी नहीं आते।

केजरीवाल के वकील की दलील

केजरीवाल की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि यह एक इंश्योरेंस अरेस्ट के अलावा और कुछ नहीं है। एजेंसी चाहती है और पकड़ लेती है, चूंकि मुझे जून में सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किया गया था, इससे पहले कोई पूछताछ नहीं हुई है।

सिंघवी: क्या अदालत ने कभी ऐसा मामला देखा है कि 2023 के मध्य में सीबीआई मुझे बुलाती है और उसके बाद मुझे समन नहीं भेजती है। जून 2024 में मुझे गिरफ्तार कर लेती है। केजरीवाल के खिलाफ कोई प्रत्यक्ष सुबूत नहीं कि उन्होंने कोई वसूली की।

सिंघवी: एजेंसी ने केजरीवाल के लिए सूत्रधार शब्द का प्रयोग किया गया है। सीबीआई काव्यात्मक है। पहली बार आबकारी नीति चार सितंबर 2020 को बनाई गई। एक वर्ष के लिए नौ विशेषज्ञ समितियां थीं। इनमें चार विभाग शामिल थे। एक साल बाद जुलाई 2021 में पहली बार नीति प्रकाशित हुई है और इसमें कम से कम 50 नौकरशाह शामिल थे।

ये भी पढ़ें…कोरोना काल में निजी स्कूलों ने वसूली अतिरिक्त फीस नहीं लौटाई, बाल आयोग ने दिया एक हफ्ते का समय

Hot this week

Topics

Dr. Dhal Singh Bisen : मध्य प्रदेश की राजनीति से उत्तराखंड के राज्यपाल तक का सफर

एफएनएन, सिवनी : मध्य प्रदेश की राजनीति में लंबे...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img