कपसाड़ हत्याकांड: एक कॉल और फिर गिरफ्तारी, पुलिस ने खोला राज़

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एफएनएन, मेरठ : मेरठ के सरधना से अगवा युवती तीसरे दिन रुड़की में मिल गई है। पुलिस ने लड़की को बरामद कर आरोपी पारस सोम को भी गिरफ्तार कर लिया है। रेलवे स्टेशन से पकड़े गए हैं। आरोपी हरिद्वार भागने की तैयारी में था।

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मैं बाहर निकल रहा हूं… यह बात जैसे ही पारस सोम ने फोन करके अपने दोस्त को बताई तो पुलिस सक्रिय हो गई। पारस का मोबाइल सर्विलांस पर था, कॉल सुनते ही मेरठ पुलिस ने हरिद्वार पुलिस से संपर्क साधा और रुड़की में घेराबंदी करा दी। इससे पहले युवक-युवती ट्रेन में दूर जाते एसएसपी हरिद्वार ने एसपी देहात को तुरंत रूड़की रेलवे स्टेशन पर भेजा। मेरठ पुलिस भी दौड़ पड़ी, लेकिन उनसे पहले हरिद्वार पुलिस ने युवती को तलाश लिया और पारस को गिरफ्तार कर लिया।

घटना को अंजाम देने के बाद पारस सोम अपने एक रिश्तेदार के घर नागल सहारनपुर में युवती के साथ पहुंचा था। जहां पर दो दिन पारस ने फरारी काटी। सहारनपुर पुलिस को इनपुट मिला था कि दोनों नागल गांव में रुके हैं और शनिवार को दूसरी जगह पर चले जाएंगे। 

रेलवे स्टेशन पर पहुंचकर पारस ने किया था दोस्त को फोन
इससे पहले कि सहारनपुर पुलिस युवक-युवती तक पहुंचती कि वह रुड़की रेलवे स्टेशन पर पहुंच गए। पारस ने रेलवे स्टेशन पर पहुंचकर अपने एक दोस्त को कॉल की और बताया कि वह बाहर निकल रहे हैं। यह कॉल पुलिस की सर्विलांस टीम ने सुनीं। इतना सुनते ही मेरठ पुलिस ने हरिद्वार के एसएसपी से संपर्क साधा।

रूबी मिली, पारस गिरफ्तार
इससे पहले वह ट्रेन में बैठकर दूसरी जगह निकल पाते कि एसपी देहात हरिद्वार ने पुलिस टीम के साथ रुड़की रेलवे स्टेशन की घेराबंदी कर ली। युवती रूबी को तलाश लिया और आरोपी पारस भी गिरफ्तार कर लिया। मेरठ से एसपी सिटी की टीम भी रुड़की के लिए रवाना हुई और दोनों को देर रात मेरठ ले आई। 
Meerut Murder and Kidnapping Case: Paras Made Last Call Before Boarding Train, Caught by Police
सलावा चौकी पर बैठकर हेडक्वार्टर को जानकारी देते रहे एडीजी और डीआईजी
सरधना के कपसाड़ गांव में सुनीता की हत्या और बेटी रूबी के अपहरण मामले में शनिवार को एडीजी भानु भास्कर, डीआईजी कलानिधि नैथानी, एसएसपी सलावा चौकी पर डटे रहे और पल-पल की जानकारी लखनऊ में हेड क्वार्टर पर देते रहे। तीनों अधिकारियों ने सभी प्वाइंट पर पहुंचकर निरीक्षण किया और पुलिसकर्मियों को किसी भी व्यक्ति को गांव के अंदर प्रवेश नहीं देने के निर्देश दिए। दिनभर गांव में तनाव पूर्ण माहौल बना रहा।

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हत्याकांड में नामजद सुनील और दो अज्ञात युवकों की भूमिका पर असमंजस
युवती के अपहरण और उसकी मां सुनीता की हत्या के मामले में दर्ज सनसनीखेज प्राथमिकी में नामजद सुनील राजपूत, दो अज्ञात युवकों की भूमिका को लेकर अभी तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। मुख्य आरोपी पारस सोम की गिरफ्तारी के बाद भी घटना में शामिल बताए गए अन्य आरोपियों का सुराग नहीं लगा पाना पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहा है। 
नामजद और अज्ञात का पता नहीं
पीड़ित परिवार की तहरीर पर दर्ज मुकदमे में पारस सोम के साथ सुनील राजपूत और दो अज्ञात युवकों को भी घटना में शामिल बताया गया था। पीड़ित परिवार का कहना कि युवती का अपहरण करने और मां सुनीता की हत्या की साजिश में चारों युवक शामिल थे। हालांकि घटना के तीन दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस न तो सुनील को पकड़ सकी है और न ही अज्ञात युवकों की पहचान कर पाई है।
घटना के समय मौके पर पारस और रूबी थे
पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आ रही है कि घटना के समय मौके पर मुख्य आरोपी पारस सोम और युवती रूबी ही मौजूद थे। ऐसे में सवाल उठ रहा कि प्राथमिकी में नामजद सुनील और दो अज्ञात युवकों की वास्तविक भूमिका क्या थी।
क्या वे साजिश में शामिल थे या घटना से पहले अथवा बाद में उनकी कोई भूमिका रही। इन सभी बिंदुओं पर पुलिस अब जांच कर रही है। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

यह था मामला
बृहस्पतिवार सुबह सरधना थाना इलाके के कपसाड़ गांव निवासी सुनीता अपनी बेटी रूबी के साथ खेत की ओर जा रही थीं। रजबहे की पटरी के पास आरोपी पारस सोम, सुनील और उनके कुछ साथी कार लेकर आए और रूबी को अगवा करने का प्रयास किया। मां ने विरोध किया तो उन पर फरसे से हमला कर दिया था। इसके बाद आरोपी रूबी को अगवा कर फरार हो गए थे। अस्पताल में इलाज के दौरान सुनीता की मौत हो गई थी। इस मामले में बृहस्पतिवार और शुक्रवार को दिनभर हंगामा चला था।

सरधना से अगवा युवती तीसरे दिन रुड़की में मिली, आरोपी पारस सोम भी गिरफ्तार
मेरठ के सरधना के कपसाड़ गांव से बृहस्पतिवार को अगवा की गई युवती रूबी को पुलिस ने शनिवार शाम करीब छह बजे रुड़की में खोज लिया। आरोपी पारस सोम को भी उसके साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि दोनों रुड़की रेलवे स्टेशन से हरिद्वार भागने की तैयारी में थे। देर रात करीब 10:30 बजे दोनों को मेरठ लाया गया। एसएसपी का कहना है कि प्राथमिक पूछताछ में पारस ने गुनाह कबूल कर लिया है।

जिले की सीमाएं सील नेताओं को बॉर्डर पर रोका
शनिवार सुबह पुलिस ने सभी सीमाओं को सील कर दिया। काशी टोल प्लाजा पर सुबह सपा सांसद रामजी लाल सुमन और विधायक अतुल प्रधान को पुलिस ने रोक दिया। इस दौरान दोनों नेताओं और कार्यकर्ताओं की पुलिस के साथ धक्कामुक्की और नोकझोंक हुई। इसके बाद वह वहीं धरने पर बैठ गए।

शाम को आसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद गाजियाबाद से निकलकर बाइक से काशी टोल पर पहुंचे तो पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। उनके साथ भी धक्कामुक्की हुई। उन्होंने धरना-प्रदर्शन किया। पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे कांग्रेस के अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम और राष्ट्रीय सचिव प्रदीप नरवाल, सांसद तनुज पूनिया को काशी टोल प्लाजा पर रोक दिया गया।

पारस सोम ने सुनीता की हत्या और रूबी को अगवा करने की बात कबूल की है। आरोपी पहले भी अपने पिता पर हमला कर चुका है। युवती को आज कोर्ट में पेश करेंगे। युवती के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

 

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