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जागेश्वर में न लगेगा टीका, न बंधेगा कलावा, जल का छिड़काव भी पूर्णरूप से प्रतिबन्धित

  • जागेश्वर में भौतिक पूजा के लिए पहले करनी होगी बुकिंग, सीमित संख्या में सम्पादित की जाएंगी पूजाएं
  • सामूहिक पूजा कार्यक्रममें एक ही पुजारी को होगी अनुमति, सरकार के नियमों का पालन न हुआ तो रिपोर्ट

जागेश्वर में न लगेगा टीका, न बंधेगा कलावा, जल का छिड़काव भी पूर्णरूप से प्रतिबन्धित

एफएनएन, अल्मोड़ा : जागेश्वर मन्दिर समूह में भौतिक पूजाएं सीमित संख्या में सम्पादित की जाएंगी। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया से अनुमति मिल जाने के बाद जागेश्वर मन्दिर प्रबन्धन समिति के प्रबंधक भगवान भटट ने बताया कि भौतिक आधार पर पूजाओें को पूर्व में चयनित स्थलों (रूदाभिषेक हेतु केदार मन्दिर के पास, पार्थिव पूजा व अन्य पूजाओं हेतु जागेश्वर भोग शाला व हवन कुण्ड के पास) पर ही सम्पादित किया जाएगा। भौतिक पूजाओं के दौरान केन्द्र व राज्य सरकार तथा जिला प्रशासन एवं जागेश्वर मन्दिर प्रबन्धन समिति द्वारा कोराना संक्रमण से बचाव हेतु जारी दिशा-निर्देश व नियमावली का पूर्ण पालन किया जाना आवश्यक होगा। उन्होंने बताया कि भौतिक पूजाओं हेतु चयनित स्थल का आवंटन पूर्व में बुकिंग के पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर किया जायेगा। बुकिंग हेतु सम्बन्धित पूजा की रसीद कटवानी आवश्यक होगी। केवल उन्ही श्रद्धालुओं को स्थल आवंटित किया जायेगा जिसके द्वारा पूर्व में पूजा रसीद कटवायी होगी।
पूजा हेतु श्रद्धालुओं की अधिकतम संख्या पूर्व में तय मानक के आधार पर होगी। किसी भी स्थिति में सदस्यों की संख्या बढ़ायी नही जाएगी, यदि किसी भी पुजारी द्वारा तय सीमा से अधिक श्रद्धालुओं को एक साथ बैठाकर पूजा करायी जाती है तो सम्बन्धित पुजारी के विरूद्ध तत्काल कार्यवाही अमल में लायी जाएगी। उन्होंने बताया कि पूजा का सम्पादन केवल एक पुजारी द्वारा ही किया जायेगा किसी भी स्थिति में सहायक पुजारी की अनुमति नहीं होगी। पूजा के दौरान केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अंतर्गत पुजारी द्वारा टीका लगाना, कलावा बाॅधना या जल का छिड़काव पूर्णरूप से प्रतिबन्धित होगा, पूजा हेतु आवश्यक सम्पूर्ण कार्य स्वयं श्रद्धालु द्वारा किये जायेंगे। दर्शन व ऑनलाइन पूजा पूर्व की भाॅति गतिमान रहेगी। उन्होंने बताया कि मन्दिर दर्शन हेतु पूर्व की भाॅति 10 मिनट का समय होगा तथा परिसर में अनावश्यक भ्रमण पूर्णरूप से प्रतिबन्धित रहेगा। दैनिक आधार पर पूजाओं का सम्पादन प्रातः 10ः00 बजे से दोपहर 3ः30 बजे तक (बुकिंग समय सुबह 10ः00 बजे से दोपहर 1ः30 बजे तक) ही होगा।

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