एफएनएन, नई दिल्ली: मरदसों को लेकर अक्सर सवाल खड़े होते आ रहे हैं। आरोप लगते रहे हैं कि मदरसों में कट्टर मुस्लिम विचारों को पढ़ाया जाता है। ऐसे में असम सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए सभी सरकारी मदरसे नवंबर से बंद करने का एलान किया है।

शिक्षामंत्री हिमांता बिस्व शर्मा ने किया एलान
असम सरकार में शिक्षामंत्री हिमांता बिस्व शर्मा ने घोषणा की है कि राज्य के सभी सरकारी मदरसे बंद किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पब्लिक के रुपयों से धार्मिक शिक्षा देने का प्रावधान नहीं है, इसलिए सरकारी मदरसे अब नहीं संचालित होंगे। इस आदेश का नोटिफिकेशन अगले महीने जारी कर दिया जाएगा। गुवाहाटी में पत्रकारों से बात करते हुए मंत्री ने कहा, ‘किसी भी धार्मिक शिक्षा वाले संस्थान को सरकारी फंड से संचालित नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब असम सरकार केवल धर्मनिरपेक्ष और आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा देगी। इसका नोटिफिकेशन नंबर में जारी कर इसे तत्काल लागू भी कर दिया जाएगा। हम प्राइवेट मदरसों के संचालन के बारे में कुछ नहीं कह सकते हैं।’
बदरुद्दीन अजमल का सरकार पर हमला
असम सरकार के इस बयान पर ।प्न्क्थ् के मुखिया और लोक सभा सांसद बदरुद्दीन अजमल ने कहा कि अगर बीजेपी की राज्य सरकार सरकारी मदरसे बंद कर देगी तो उनकी सरकार इन्हें फिर से खोल देगी। अगले साल राज्य में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। उनकी पार्टी बहुमत से आई तो वे सरकार के बंद किए गए सारे मदरसे फिर से खोल देंगे। असम में 614 मदरसे सरकार द्वारा संचालित किए जा रहे हैं। वहीं प्राइवेट मदरसे 900 हैं। लगभग सभी मदरसे जमीअल उल्मा की ओर से चलाए जाते हैं।
ताजा खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें






