

– तस्करों और लोगों को पैसा लेकर छोड़ने का जरिया बनी थी चौकी पुलिस
– बंद पड़ी रबर फैक्ट्री के खंडहर आवास को बना रखा था हवालात, यही से होती थी डील
एफएनएन, रुद्रपुर: स्मैक तस्करों की धरपकड़ के लिए बरेली जिले के जिस फतेहगंज पश्चिमी में दलबल के साथ छापामार कार्रवाई को लेकर उधम सिंह नगर पुलिस पर सवाल उठ रहे थे, वहां के चौकी इंचार्ज और सिपहियों का बड़ा कारनामा सामने आया है। इस कारनामे के बाद ऐसे लोगों की बोलती बंद हो गई है जो इस कार्रवाई को उधम सिंह नगर पुलिस का फेलियर बता रहे थे।
खुद एसएसपी बरेली की जांच में फतेहगंज पश्चिमी पुलिस और उसके चौकी इंचार्ज की करतूत सामने आई है। यह साफ हो गया है कि जिन चौकी इंचार्ज को बरेली पुलिस छापामार कार्रवाई में अपना हथियार बना रही थी, वही बड़ा खेल खेल रहे थे। वहां लोगों औऱ तस्करों को छोड़ने के एवज में पैसे लिए जा रहे थे। हालांकि पिछले दिनों उधम सिंह नगर पुलिस की कार्रवाई के बाद खुद बरेली जिले के कप्तान ने बताया था कि फतेहगंज पश्चिमी में एनडीपीएस के तहत 175 से ज्यादा एफआईआर पूरे साल में दर्ज कराई गई और 200 से अधिक लोगों को जेल भेजा गया, लेकिन कुछ ही दिन बाद चौकी इंचार्ज का असली चेहरा सामने आ गया।
पता लगा है कि चौकी इंचार्ज बलवीर सिंह और सिपाहियों ने लोगों से वसूली के लिए बंद पड़ी रबर फैक्ट्री के कंडम घोषित हो चुके आवासों को अवैध हवालात बना रखा था। किसी भी व्यक्ति को पकड़ने के बाद वहां लाया जाता और फिर वसूली की जाती। अब एसएसपी अनुराग आर्य की कड़ी कार्रवाई के बाद लोगों ने चौकी इंचार्ज बलबीर सिंह के भ्रष्टाचार के बारे में बोलना शुरू कर दिया है।
लोगों ने बताया है कि चौकी इंचार्ज और सिपाही चेकिंग के नाम पर घरों में घुसकर लोगों को उठा लाते थे और फिर उन्हें थाने ले जाने के वजाय बंद रबर फैक्ट्री के आवास में बनी हवालात में रखकर डील की जाती थी। तीन दिन पहले भी इन लोगों ने दो तस्करों को उठाया था, इनमें से एक तस्कर को जेल भेज दिया गया लेकिन दूसरे को 3 दिन तक बैठाए रखा। वे लोग उस पर बड़े तस्कर का नाम लेकर वसूली की कोशिश में थे, लेकिन मामला अफसरो के संज्ञान में आने पर उसे जेल भेजना पड़ा।
आपको बता दें कि फतेहगंज पश्चिमी स्मैक तस्करी के लिए बदनाम है। चर्चा है कि तस्करों से वसूली के लिए एक छुटभैया नेता को रखा गया है। वह तस्करों से वसूली करके रकम पुलिस तक पहुंचना था लेकिन पिछले दिनों अफसरों से शिकायतें हुई तो इस नेता को लगा कि उस पर कार्रवाई हो जाएगी तो वह वसूली की रकम लेकर फरार हो गया। चौकी पुलिस कई दिन से उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही है।
सूत्र बताते हैं कि भ्रष्टाचार में सस्पेंड हुआ चौकी इंचार्ज बलबीर सिंह कुछ समय पहले तक बीआरएस लेना चाहता था, इसके लिए उसने आवेदन किया और आगे की प्रक्रिया भी शुरू हुई लेकिन फतेहगंज पश्चिमी की कस्बा चौकी पहुंचते ही उसने बीआरएस लेने से मना कर दिया। कुछ दिन पहले एसएससी बरेली ने उसे लाइन हाजिर भी किया लेकिन जुगाड़ करके उसने अपना ट्रांसफर रुकवा लिया था।
एसएसपी बरेली अनुराग आर्य ने बताया कि एक व्यक्ति को पड़कर छोड़ने के बदले रिश्वत लेने के आरोप में फतेहगंज पश्चिमी के चौकी इंचार्ज बलबीर सिंह और दो सिपाहियों को सस्पेंड किया गया है। तीनों के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई है और उनके खिलाफ विभागीय जांच के भी निर्देश दिए गए हैं।