एफएनएन, रामपुर: उत्तर प्रदेश में रामपुर जिले के रहने वाले अमित वर्मा पेशे से इंजीनियर हैं। वह देश-विदेश में कई बड़ी कंपनियों में नौकरी कर चुके हैं। अब वह यहां गांव में कुपोषित बच्चों को देखकर यहीं खेती करने लगे और अब कर रहे कमाल। कठोर परिश्रम और सच्ची लगन से जीवन में किसी भी मनचाहे मुकाम को हासिल किया जा सकता है। आज हम आपको बताएंगे कि यूपी के रामपुर के रहने वाले एक किसान द्वारा बनाई गई कुपोषित बच्चों के लिए रामबाण आहार किट। किसान की यह किट कैसे घर-घर तक मशहूर हो गई और अब रामपुर जिले के अलावा उत्तराखंड, कजाकिस्तान, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना और गुजरात में भी किट की आपूर्ति होने लगी है।
मोटे अनाज को दे रहे हैं बढावा
मिली जानकारी के मुताबिक, रामपुर जिले के पसियापुर जनूबी गांव के अमित वर्मा पेशे से इंजीनियर हैं। उन्होंने विदेश की कई बड़ी-बड़ी कंपनियों में नौकरी की लेकिन, कोविड के दौरान जब घर लौटे तो नए आयामों की तलाश कर मोटे अनाज को बढ़ावा देने के प्रयास में जुट गए। इसके बाद वह कुपोषण को खत्म करने के लिए स्पेशल आहार किट तैयार करने में जुट गए। उनके द्वारा बच्चों को उपलब्ध कराई गई हाल ही में इस किट की डिमांड कजाकिस्तान से भी आई है।
कृषि विभाग के अधिकारियों से ली सलाह
किसान अमित वर्मा ने बताया कि उनके घर में कृषि भूमि काफी थी। ऐसे में उन्होंने खेती करनी शुरू कर दी। वह 3 साल से लगातर इस पर काम कर रहे हैं। कृषि विभाग के अधिकारियों से परामर्श किया। इसके साथ ही उन्होंने किताबों से मोटे अनाज की विशेषता को समझा। उन्होंने गांव-गांव जाकर किसानों से संपर्क स्थापित किया और कृषक उत्पादक संगठन बनाया।
CM योगी 3 बार कर चुके हैं सम्मानित
आपको बता दें कि 5 हजार किसान मिलकर एक साथ काम कर रहे हैं। अमित को नीति आयोग ने अपनी पुस्तक में देश के 100 नामचीन लोगों में शामिल किया है। मोटे अनाज को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उन्हें तीन बार सम्मानित कर चुके हैं।