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बांके बिहारी मंदिर की जगह बदलने की मांग ने बढ़ाई बेचैनी, स्थानीय लोग बोले – यह उचित नहीं होगा

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एफएनएन, मथुरा ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर गलियारा को लेकर उच्च न्यायालय में चल रहे मुकदमे में सेवायतों ने अपना पक्ष रखते हुए मंदिर को स्थानांतरित करने की मांग कर डाली है। ऐसे में स्थानीय लोगों में बेचैनी बढ़ रही है।

अधिकतर लोगों का कहना है मंदिर एक ऐसा पवित्र स्थान है, जिसे बदलना उचित नहीं होगा। जबकि गलियारा बनाने में कुछ बदलाव किए जा सकते हैं। लोगों का मानना है कि भक्तों की बढ़ती भीड़ को देखकर आज बांके बिहारी मंदिर को स्थानांतरित कर देंगे, तो अब दूसरे मंदिरों में भी भीड़ का दबाव बढ़ने लगा है।

राधावल्लभ मंदिर, राधारमण मंदिर, निधिवन राज मंदिर में भी भीड़ का दबाव अब लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में मंदिरों को स्थानांतरित करने से वृंदावन की प्राचीन पहचान और पवित्र स्थलियों की मर्यादा पर भी प्रभाव पड़ेगा।

सेवायत बोले- कर लेंगे शिफ्टिंग

गौरतलब है कि इलाहाबाद हाई कोर्ट में चल रही मथुरा-वृंदावन स्थित बांके बिहारी कॉरिडोर (गलियारा) निर्माण मामले की सुनवाई में मंगलवार को नया मोड़ आया। सेवायतों की ओर से कहा गया कि सरकार उन्हें भूमि उपलब्ध करा दे तो वे बांके बिहारी जी के लिए नया मंदिर बनवाकर उन्हें शिफ्ट कर लेंगे।

हाई कोर्ट ने पूछा था- क्या दिक्कत है?

बीते 30 अक्टूबर को मंदिर के प्रस्तावित कॉरिडोर निर्माण मामले की सुनवाई में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने पूछा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए पहल में दिक्कत क्या है? सुनवाई में सेवायतों की तरफ से याचिका की पोषणीयता सहित कुंज गली व चार पुरातात्विक महत्व के मंदिरों के ध्वस्तीकरण पर आपत्ति जताई गई। सेवायतों की तरफ से अधिवक्ता संजय गोस्वामी ने याचिका की पोषणीयता पर आपत्ति की।

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