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जुर्माना नहीं तो हर्जाना.. सामूहिक दुष्कर्म

  • बंगाल के बीरभूम जिले के मोहम्मद बाजार इलाके में अदालत लगाकर सुनाया गया फैसला, पांच गिरफ्तार
  • आदिवासी विधवा को प्रेमी संग पकडऩे पर आरोपितों ने दीया चौंकाने वाली घटना को अंजाम

एफएनएन, कोलकाता : बंगाल के बीरभूम जिले में एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है। यहां एक आदिवासी महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया वो भी गांव के एक फैसले पर। बताते है कि आरोपितों ने अवैध संबंध रखने को लेकर अपनी गैर कानूनी अदालत (कंगारू कोर्ट) लगाई और पीडि़ता पर एक लाख का जुर्माना लगाया। भरपाई नहीं कर पाने पर जुर्माने के एवज में सामूहिक दुष्कर्म करने का फैसला सुना दिया गया। इस मामले में पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। पीडि़त विधवा के तीन बच्चे भी हैं।

जंगल में ले जाकर दुष्कर्म

यह वारदात बीरभूम के मोहम्मद बाजार इलाके में 18 अगस्त को हुई। 22 अगस्त को पुलिस में दर्ज किया गया। पीडि़ता ने बताया कि 18 अगस्त को वह अपने प्रेमी के साथ बाइक से अपने घर मोहम्मद बाजार लौट रही थी । इसी दौरान गांव के बाहर कुछ दबंगों ने उनकी बाइक रोक ली । उसे और उसके प्रेमी को एक कमरे में कैद कर दिया। अगले दिन 19 अगस्त को आरोपितों ने गैर कानूनी अदालत लगाई, जहां उसे और उसके प्रेमी पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। 50 हजार का भुगतान करने के बाद प्रेमी को छोड़ दिया गया। वह केवल 10 हजार रुपये ही दे पाई, जिसके बाद उसे जबरन जंगल में ले जाकर पांच लोगों ने सामूहिक दुष्कर्म किया। अदालत के दौरान स्थानीय लोगों ने दोनों की बेरहमी से पिटाई भी की।

प्रधान सहित पांच पर एफआईआर

भोलाबंध नाम के गांव में हुई इस वारदात को लेकर पीडि़त महिला ने प्रधान सहित पांच लोगों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराई। बीरभूम जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुबिमल पॉल ने कहा कि सभी पांच आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है । गिरफ्तार आरोपितों को सूरी में स्थानीय अदालत में पेश करने के बाद सात दिनों की पुलिस कस्टडी में रखा गया है। कथित कंगारू अदालत की जांच शुरू कर दी गई है । महिला का मेडिकल टेस्ट कराने के बाद उसका बयान दर्ज कर लिया गया है।

नई नहीं है बीरभूम की कहानी

बीरभूम जिले में पंचायत के अजीबोगरीब फैसले नए नहीं हैं। इसके पहले जनवरी, 2014 में अन्य जाति के युवक से प्रेम संबंधों के चलते लाभपुर ब्लॉक के एक गांव में पंचायत सभा के मुखिया बोलोई मुर्दी ने युवती से दुष्कर्म का आदेश दिया था। पंचायत का फरमान सुनते ही गांव के किशोर, जवान और बूढ़े युवती की अस्मत लूटने के लिए टूट पड़े। इतना ही नहीं पूरा गांव देखे इसके लिए बांस के मचान पर वारदात की गई। पंचायत की दबंगई के चलते पूरी रात युवती के साथ क्रूरता चलती रही, लेकिन युवती की चीखों के बावजूद गांव के किसी व्यक्ति ने उसे बचाने की कोशिश नहीं की। मचान से महज 50 मीटर दूरी पर रहने वाला युवती का परिवार भी कान बंद किए बैठा रहा और पीडि़ता के साथ 12 लोगों ने दुष्कर्म किया। गौरतलब है कि वर्ष 2010 में भी इसी जिले में एक किशोरी को अपने समुदाय से बाहर के युवक से संबंध रखने पर निर्वस्त्र कर चार गांवों में घुमाया गया था।

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