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कोरोना एक बार फिर से पैर पसार रहा, लोगों से मास्क लगाने की अपील

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एफएनएन, झारखंड : में कोरोना एक बार फिर से पैर पसार रहा है. वर्तमान में राज्य में कुल 6 मरीज कोरोना संक्रमित है. कल 10 जून को राज्य में कोरोना से मौत का पहला मामला भी सामने आया. 44 वर्षीय कोरोना संक्रमित एक व्यक्ति की कल इलाज के दौरान मौत हो गयी. लोगों से सावधानी बरतते हुए मास्क लगाने की अपील की गयी है.

देशभर में एक बार फिर से कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है. विभिन्न राज्यों में संक्रमितों की संख्या बढ़ती ही जा रही है. इधर झारखंड में भी कोरोना तेजी से अपने पैर पसार रहा है. वर्तमान में राज्य में कुल 6 मरीज कोरोना संक्रमित है. कल 10 जून को राज्य में कोरोना से मौत का पहला मामला भी सामने आया. 44 वर्षीय कोरोना संक्रमित एक व्यक्ति की कल इलाज के दौरान मौत हो गयी.

अब तक 9 संक्रमित मरीज हुए ठीक

स्वास्थ्य विभाग के बुलेटिन के अनुसार झारखंड में वर्तमान में कोरोना के कुल 6 मरीज हैं. सभी का इलाज चल रहा है. राज्य में इस साल जनवरी 2025 से अब तक कुल 9 कोरोना संक्रमित मरीज बीमारी से उबर चुके हैं. मालूम हो राज्य में इस साल कोरोना का पहला मामला 24 मई को सामने आया था. मुंबई से झारखंड लौट रहे एक व्यक्ति के कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी.

लोगों से मास्क लगाने की अपील

राज्य में बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के बीच रिम्स ने नागरिकों से खास अपील की है कि वे किसी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें. केवल अधिकृत स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करें. इसके अलावा सभी लोगों को सावधानी बरतते हुए मास्क लगाने, हाथ धोते रहने और भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी गयी है.

5 जून को कोरोना पॉजिटिव हुआ था मरीज

राज्य में 44 वर्षीय एक व्यक्ति की कोरोना से मौत हुई है. वह 5 जून को कोरोना संक्रमित पाया गया था. रिम्स में उसका इलाज चल रहा था. रिम्स द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार मरीज की मृत्यु सेप्टिक सॉक की वजह से हुई है. 44 वर्षीय इस मरीज को 2 जून को सीआइपी रांची से रिम्स रेफर किया गया था. मरीज के गले में भोजन फंस जाने की वजह से दिल का दौरा पड़ा और सांसें रुक गयी थीं. इसके बाद उसे सीपीआर दिया गया और इंट्यूबेट कर बचाने की कोशिश की गयी. फिर वेंटिलेटर सपोर्ट के लिए रिम्स लाया गया. यहां जांच में एस्पिरेशन निमोनिया की पुष्टि हुई. मरीज को एक्यूट रिस्पाइरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम के कारण ट्रॉमा सेंटर में वेंटीलेटर पर रखा गया.

इस वजह से हुई मरीज की मौत

मरीज को कई अन्य प्रकार की बीमारियां भी पहले से थीं. 5 जून को भर्ती मरीजों की जांच में मरीज को कोरोना (covid-19) पॉजिटिव पाया गया. रिम्स चिकित्सकों के अनुसार मरीज की मृत्यु रिस्पाइरेटरी सेप्टिक शॉक की वजह से हुई है. इसमें मुख्यतः सर्कुलेटरी फेल्योर होता है न कि रिस्पाइरेटरी फेल्योर, जो कि आम तौर पर कोरोना मरीजों में मौत का कारण होता है.

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