एफएनएन, मेरठ/इजराइल-ईरान संघर्ष का प्रभाव : इस्राइल ईरान युद्ध के असर से दवा बनाने में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल के दाम बढ़ गए हैं। मेरठ में पैरासिटामॉल समेत कई दवाओं के साल्ट 20 से 40 फीसदी तक महंगे हो गए हैं।
इजराइल-अमेरिका और ईरान के युद्ध की वजह से पैरासिटामॉल समेत कई दवाओं के साल्ट मंहगे हो गए हैं। दवा में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल (एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रेडिएंट-एपीआई) 25 से 40 फीसदी तक महंगा होने से दवाओं के उत्पादन पर असर पड़ रहा है।
दवा कारोबारी आयुष ने बताया कि गले के इन्फेक्शन में काम आने वाले एजिथ्रोमाइसिन की तीन गोली 80 रुपये की थीं जो अब 98 रुपये की हो गई हैं। इसी तरह ग्लिसरीन की 100 ग्राम की शीशी के दाम 160 रुपये हो गए हैं। 10 गोली का पैरासिटामॉल का पत्ता आठ से बढ़कर 14 रुपये हो गया है।
मोंटेलूकास्ट सोडियम की 10 गोली का पत्ता 180 रुपये का था, जो अब 240 का हो गया है। दर्द निवारक डायक्लोफेनक सोडियम की 10 गोली 20 रुपये की थीं, जो अब 35 रुपये की हो गई है। ऐसे ही एंटीबायोटिक सिप्रोफ्लोक्सेसिन का 10 गोली का पत्ता 48 के बजाय 60 रुपये में मिलेगा। एंटीबायोटिक एमिकासिन का 10 गोली का पत्ता 113 से बढ़कर 140 रुपये का हो गया है।
एपीआई के पुराने और नए दाम






