03
Gemini_Generated_Image_yb399pyb399pyb39
WhatsApp Image 2026-08-14 at 9.45.28 AM
previous arrow
next arrow
Shadow

मेरा दर्द न जाने कोय…

एफ़एनएन, शाहजहांपुर : जेल यूं तो हुकूमत की नजर में सुधारगृह, आत्मचिंतन और प्रायश्चित स्थल है, लेकिन मौजूदा में यह शोषण और उत्पीड़न का घर बन चुका है। इसके नाम लेने मात्र से इंसान के सामने एक खौफनाक मंजर चलचित्र की मानिंद आंखों के सामने तैरने लगता है। यहां बंदियों और कैदियों को दो वक्त की रोटी भी चैन से नहीं मिलती। हालांकि सरकार ने इन वक्त के सताए इंसानों के लिए खासा वजट सुनिश्चित किया,  मगर इंतजामियों की पेटकाट नीतियों के चलते इन इंसानों की किस्मत में वही खौलते पानी में बैठे दाल के चंद दानें नसीब होते हैं। रोटी की तो पूछिये ही मत। ऐंठी और अधकच्ची रोटियां जब बंदियों के हलक से पानी के सहारे पेट में पहुँचती हैं तो पेट में उथल पुथल मचा देतीं हैं। मीनू में सब्जी भी है पर कभी बनती है तो कभी नहीं। बनती है तो उसमें चिकनाई तो नजर ही नहीं आती।नमक की अधिकता से बंदी उसे नाली में सरका देते हैं अध्ययन करने पर पता चला कि सरकार हर बंदी को भरपूर खाने की व्यवस्था करती है,  मगर जेल इंतजामियां बीच में हिस्सा डकार जाते हैं। स्टोर से तो खाद्दान्न प्रति बंदी सुनिश्चित मानक के आधार पर निकलता है, लेकिन शोले फिल्म में जेलर के किरदार की तरह आधे इधर जाओ आधे उधर जाओ और बाकी मेरे साथ आओ की तर्ज पर रसोई में पहूंच पाता है। बाद में यही माल हाकिमों की निजी रसोई या फिर किसी दुकान की शोभा बनता है। इसका पैसा नीचे से ऊपर बंटता और बंदियों का पेट कटता है। इन वक्त के मारों का इन दिनों और बुरा हाल है। वजह कोरोना संक्रमण काल।पहले लाकडाउन से इन बंदियों से उनके अजीजों से मिलाई पर रोक लग गई थी। तकरीवन आधा साल गुजर गया। इन बंदियों ने अपने परिवार के किसी सदस्य का मुंह नहीं देखा। हालांकि हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की जनता से जब तब मन की बात कर लेते हैं मगर ये बंदी अपने परिजनों से मन की बात नहीं कर पाए हैं। इससे इनके मन उदास हैं। बंदी कैदी घुट घुट कर जी रहे हैं। हालांकि यूपी में सरकार ने पहले शराब की दुकानें खुलवाईं फिर बाजार और धीरे धीरे वह सब कुछ जो गैरजरूरी था।जैसे सिनेमा हाल, जिम और न जाने क्या क्या।पर रामराज लाने का ख्वाब देखने और दावा करने वाली भाजपा की योगी सरकार की संवेदना इन बंदियों के प्रति नहीं जागी। नतीजतन बंदी कैदी परिवार से न मिल पाने की कसक लिए तनाव में जी रहे हैं। यही तनाव उनको डिप्रेशन का शिकार बना रहा है।प्रदेश में कई बंदी कैदी दुनिया से रुखसत भी हो चुके हैं।

इस गंभीर और बंदियों की बड़ी समस्या को योगी सरकार और न्याय व्यवस्था अनदेखा किए है। ये बंदी अपना दर्द किससे कहें।जेल प्रशासन भी इसका फायदा उठा रहा है। बंदियों पर हर स्तर से कुठाराघात हो रहा है। योगी और मोदी सरकार बंदियों की तरफ से आंखें मूंदे बैठी है। उनका इस ओर कोई ध्यान ही नहीं है।नेता मंत्री सब खामोश हैं। अफसर भी इस परेशानी से बेफिक्र हैं। हालांकि समय-समय पर डीएम और एसपी जेलों का औचक निरीक्षण करते हैं,लेकिन यह महज औपचारिक होता है। दोनों अधिकारी निरीक्षण के नाम पर कागजों का पेट ही भरते हैं। औचक केवल नाम का है। अफसरों के आने से पहले उनके आने की खबर जेल प्रशासन को लग जाती है।इस लिए इंतजाम चुस्त दुरुस्त कर लिए जाते हैं निरीक्षण में जेल के अफसर साथ रहते हैं लिहाजा कोई बंदी अपना दर्द बयां नहीं कर पाता। बाद में निरीक्षणकरने वाले अधिकारियों का रटा रटाया जवाब मीडिया से होता है कि सब कुछ ओके मिला।यहां बताना भी जरूरी है कि सूबे की जेलों में क्षमता से अधिक बंदी हैं। इस कारण वे आराम से लेट भी नहीं पाते। कोरोना काल में सट सट कर लेटने से बंदी बीमार भी हो रहे हैं।इनके समुचित इलाज की व्यवस्था भी नहीं है। न्यायालय में छुट्टी होने से मुकदमों की सुनवाई प्रभावित है सो जमानतें भी नहीं मिल रही हैं।लिहाजा, जेलों में बंदी परेशान हैं। इनका दर्द जानने और समझने वाला कोई नहीं। सब कुछ राम भरोसे चल रहा है। मोदी जी तो जब तब टीवी पर मन की बात करने राम की तरह प्रकट हो जाते हैं पर बंदी मन की बात किससे कहें, समझ से परे है। बंदियों से राम भी मुंह मोड़े हैं। वह खुद योगी मोदी से खफा हैं दशहरा न मनाए जाने को लेकर। –कुलदीप दीपक, 30 भारद्वाज कालोनी, शाहजहांपुर, उत्तर प्रदेश। मो.765195450

Hot this week

Gyanesh kumar के खिलाफ कांग्रेस के प्रदर्शन पर CM धामी का हमला

एफएनएन, हरिद्वार : Gyanesh kumar मुख्य चुनाव के खिलाफ...

Topics

Gyanesh kumar के खिलाफ कांग्रेस के प्रदर्शन पर CM धामी का हमला

एफएनएन, हरिद्वार : Gyanesh kumar मुख्य चुनाव के खिलाफ...

Seemapuri में अचानक भरभराकर गिरी पांच मंजिला इमारत

एफएनएन, नई दिल्ली : Seemapuri उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सीमापुरी...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img