- चाबी हमारे पास, आज सबके सामने खोलेंगे ताले
वर्ष 1993 में लोहे की बैरिकेडिंग के दौरान दुकानें खाली कराई गई थीं और उसी समय ये ताले भी लगे थे। वहां कोई तहखाना नहीं है। तीनों दुकानों के दरवाजों पर ताले हैं। 1993 से पहले यहां चाय, चूड़ी और कोयले की दुकानें थीं। इन बंद तालों की चाबी हमारे पास है और शनिवार को कमीशन की कार्रवाई में सहयोग करते हुए सबके सामने ताले खोलेंगे। हमें न्यायालय पर पूरा भरोसा है और उसके आदेश का हम अक्षरश: पालन कराएंगे।
- अब किसी मस्जिद पर हमला हुआ तो खामोश नहीं बैठेंगे मुसलमान
बरेली में तंजीम उलमा इस्लाम के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा, हमने बाबरी मस्जिद को शहीद होते देखा लेकिन मुल्क में अमन बनाए रखने के लिए खामोश रहे। अब ज्ञानवापी हो या मथुरा की ईदगाह मस्जिद, किसी भी मस्जिद को बाबरी बनाने की कोशिश की गई तो मुसलमान बर्दाश्त नहीं करेगा।’






