एफएनएन , देहरादून : उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के एक निजी स्कूल में छात्रा से कथित छेड़छाड़ और बैड टच के आरोपों को लेकर विवाद बढ़ गया है। मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर एनएसयूआई से जुड़े छात्रों ने स्कूल के बाहर प्रदर्शन किया। वहीं, जिला प्रशासन की ओर से गठित चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की काउंसलिंग के बाद छात्रा ने पुलिस को लिखित शिकायत दी है। सिटी मजिस्ट्रेट के मुताबिक, तहरीर के आधार पर पुलिस संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया में जुटी है।
स्कूल के बाहर NSUI से जुड़े छात्रों का प्रदर्शन
छात्र संघ से जुड़े लोगों ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि मामले में अब तक स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई और शिक्षक के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया गया।
प्रदर्शन के दौरान स्कूल प्रबंधन के रवैये पर भी सवाल उठाए गए। सिटी मजिस्ट्रेट ने कहा कि यदि छात्र संघ की ओर से जिला प्रशासन को ज्ञापन दिया जाता है, तो मामले की जांच कराकर शिक्षा विभाग के माध्यम से आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की काउंसलिंग के बाद छात्रा ने दी तहरीर
देहरादून के सिटी मजिस्ट्रेट राकेश तिवारी ने बताया कि मामला संज्ञान में आने के बाद जिला प्रशासन की ओर से गठित चाइल्ड वेलफेयर कमेटी ने बच्चों और उनके अभिभावकों से संपर्क किया। सामाजिक परिस्थितियों और मर्यादा के कारण शुरुआत में बच्चे सामने आने से हिचकिचा रहे थे।
उन्होंने बताया कि कमेटी की ओर से समझाए जाने के बाद छात्रा ने पुलिस को तहरीर दी। अब शिकायत के आधार पर पुलिस संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया कर रही है।
स्कूल की जिम्मेदारी बच्चों को सुरक्षा देना भी: सिटी मजिस्ट्रेट
सिटी मजिस्ट्रेट राकेश तिवारी ने कहा कि विद्यालय की जिम्मेदारी केवल बच्चों को शिक्षा देना ही नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना भी है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं नहीं होनी चाहिए और किसी भी पक्ष को अपनी जिम्मेदारी से बचना नहीं चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि छात्र संघ की ओर से ज्ञापन मिलने पर पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और शिक्षा विभाग के माध्यम से नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
आरोपी शिक्षक ने सोशल मीडिया पर रखा अपना पक्ष
छात्रा की ओर से लगाए गए आरोपों के बाद संबंधित स्कूल के फिजिक्स शिक्षक ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपना पक्ष रखा है। शिक्षक ने कहा कि उनके 25 साल के करियर में पहली बार उन पर इस तरह के आरोप लगे हैं।
उन्होंने कहा कि वह सभी बच्चों के साथ अपने बेटे-बेटियों की तरह व्यवहार करते हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी बच्चे को लगता है कि उनसे कोई गलती हुई है, तो वह इसके लिए क्षमा मांगते हैं।
शिक्षक का यह बयान उनका अपना पक्ष है। मामले में लगाए गए आरोपों की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
23 अक्टूबर को छात्रा और उसकी मां ने प्रबंधन से की थी शिकायत
जानकारी के अनुसार, 23 अक्टूबर को छात्रा अपनी मां के साथ स्कूल पहुंची थी और शिक्षक के खिलाफ स्कूल प्रबंधन से शिकायत की थी। पीड़ित परिवार का दावा है कि शिकायत पर 15 छात्राओं के हस्ताक्षर थे।
परिवार का आरोप है कि इससे पहले 15 अक्टूबर को भी शिक्षक के खिलाफ शिकायत दी गई थी। उस समय स्कूल प्रबंधन ने शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था। हालांकि, परिवार का दावा है कि बाद में स्कूल प्रबंधन की ओर से छात्रा पर ही दबाव बनाया जाने लगा।
परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि स्कूल के डायरेक्टर ने शिक्षक के पक्ष में अपनी बात रखी। इन आरोपों पर स्कूल प्रबंधन का विस्तृत पक्ष सामने आना बाकी है।
शिक्षक की बर्खास्तगी और सार्वजनिक माफी की मांग
पीड़ित परिवार ने संबंधित शिक्षक को बर्खास्त करने की मांग की है। इसके साथ ही परिवार चाहता है कि स्कूल के डायरेक्टर सभी बच्चों के सामने असेंबली में सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।
फिलहाल, छात्रा की शिकायत के आधार पर पुलिस की ओर से एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है। मामले में पुलिस जांच और शिक्षा विभाग की कार्रवाई के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।








