एफएनएन, देहरादून : भारतीय जनता पार्टी ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है। पार्टी ने उत्तराखंड से वरिष्ठ बीजेपी नेता दिनेश आर्य को राज्यसभा का प्रत्याशी बनाया है। पार्टी के संख्या बल को देखते हुए दिनेश आर्य का राज्यसभा पहुंचना लगभग तय माना जा रहा है।
दिनेश आर्य बीजेपी के प्रमुख अनुसूचित जाति चेहरे के तौर पर पहचाने जाते हैं। हालांकि, संगठन में उनकी पकड़ केवल एक वर्ग तक सीमित नहीं रही है। लंबे समय से पार्टी के साथ सक्रिय रहने के कारण उनकी कार्यकर्ताओं और समाज के अलग-अलग वर्गों में अच्छी पहुंच बताई जाती है। वह नैनीताल बीजेपी के पूर्व जिलाध्यक्ष भी रह चुके हैं।
संघ और विद्यार्थी परिषद से शुरू हुआ राजनीतिक सफर
दिनेश आर्य का राजनीतिक और संगठनात्मक सफर काफी पुराना है। उनका राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से भी लंबे समय से जुड़ाव रहा है। उन्होंने 1982 में लखीमपुर खीरी, 1983 में बरेली और 1996 में नागपुर से आरएसएस का तृतीय वर्ष प्रशिक्षण प्राप्त किया।
साल 1985 में उन्होंने विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता के तौर पर नैनीताल में सदस्यता ली। इसके बाद 1986 में उन्हें विद्यार्थी परिषद का नैनीताल जिला संयोजक बनाया गया। 1988 तक उन्होंने इस जिम्मेदारी का निर्वहन किया।
बीजेपी संगठन में संभाली कई अहम जिम्मेदारियां
विद्यार्थी परिषद के बाद दिनेश आर्य बीजेपी से जुड़े। 1988 से 1991 तक उन्होंने नैनीताल जिले में युवा मोर्चा मंत्री की जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद 1992 से 1995 तक वह नैनीताल के अनुसूचित मोर्चा के जिलाध्यक्ष रहे।
1996 से 1998 तक उन्होंने प्रदेश युवा मोर्चा के उपाध्यक्ष के तौर पर काम किया। वहीं 2001 से 2002 के बीच वह प्रदेश अनुसूचित मोर्चा के महामंत्री रहे। इसके बाद उन्होंने प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य के रूप में भी संगठन को अपनी सेवाएं दीं।
नैनीताल बीजेपी के जिलाध्यक्ष भी रहे
दिनेश आर्य को 2007 से 2010 तक नैनीताल बीजेपी का जिलाध्यक्ष बनाया गया। संगठन में उनकी सक्रियता को देखते हुए बाद में उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर भी जिम्मेदारी मिली।
2017 से 2021 तक वह बीजेपी अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय सचिव रहे। इस दौरान उन्हें पंजाब का प्रभारी भी बनाया गया था। संगठन के स्तर पर विभिन्न जिम्मेदारियां संभालने के दौरान उन्होंने पार्टी के विस्तार और कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय में भूमिका निभाई।
धामी के जनसंपर्क की जिम्मेदारी भी संभाली
साल 2021 में दिनेश आर्य को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जनसंपर्क का जिम्मा सौंपा गया था। उन्होंने इस जिम्मेदारी को भी निभाया। इसके बाद 2023 से वह उत्तराखंड सरकार में राज्य स्तरीय पेयजल अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष के रूप में दायित्व संभाल रहे हैं।
ग्राउंड लेवल पर मजबूत पकड़ की पहचान
दिनेश आर्य की पहचान बीजेपी में जमीन से जुड़े और कार्यकर्ताओं के बीच सक्रिय नेता के तौर पर रही है। उनका सरल और मिलनसार स्वभाव भी उनकी राजनीतिक शैली की खासियत माना जाता है। संगठन के भीतर उन्हें किसी खास गुट से जोड़कर नहीं देखा जाता, जिससे पार्टी के अलग-अलग वर्गों में उनकी स्वीकार्यता बनी हुई है।
खास बात यह है कि दिनेश आर्य इससे पहले नैनीताल विधानसभा सीट से चुनाव की तैयारी भी कर रहे थे। अब बीजेपी ने उन्हें राज्यसभा का उम्मीदवार घोषित कर उनके राजनीतिक सफर में एक नई जिम्मेदारी जोड़ दी है। संख्या बल के लिहाज से उनका उच्च सदन पहुंचना लगभग तय माना जा रहा है।








