03
Gemini_Generated_Image_yb399pyb399pyb39
WhatsApp Image 2026-08-14 at 9.45.28 AM
previous arrow
next arrow
Shadow

Uttarakhand के पहाड़ों में 5G एंबुलेंस बदल सकती है इलाज की तस्वीर, रास्ते में ही मिलेगा ICU जैसा बैकअप

Spread the love

एफएनएन, हैदराबाद : Uttarakhand के दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में गंभीर मरीजों को समय पर बड़े अस्पताल तक पहुंचाना लंबे समय से स्वास्थ्य व्यवस्था के सामने बड़ी चुनौती बना हुआ है। पहाड़ों से देहरादून या हल्द्वानी जैसे प्रमुख चिकित्सा केंद्रों तक पहुंचने में कई घंटे लग जाते हैं। ऐसे में गंभीर मरीजों के लिए बेहद अहम ‘गोल्डन ऑवर’ में इलाज शुरू करना मुश्किल हो जाता है।

इसी चुनौती के बीच हैदराबाद स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की 5G कनेक्टेड एंबुलेंस सेवा उत्तराखंड के लिए एक संभावित समाधान के तौर पर सामने आई है।

तेलंगाना में सफल मॉडल, उत्तराखंड में भी हो सकता है उपयोग

पीआईबी देहरादून की ओर से आयोजित मीडिया दौरे के दौरान ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. एस. सीथा लक्ष्मी ने 5G कनेक्टेड एंबुलेंस मॉडल की संभावनाओं के बारे में जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि तेलंगाना में इस तकनीक का सफलतापूर्वक इस्तेमाल किया जा रहा है। उनके अनुसार, उत्तराखंड जैसे पहाड़ी और भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण राज्य में यह तकनीक गंभीर मरीजों के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकती है।

डॉ. लक्ष्मी के मुताबिक, पहाड़ों में अस्पताल तक पहुंचने में लगने वाले अतिरिक्त समय के दौरान एंबुलेंस के भीतर ही मरीज को विशेषज्ञ चिकित्सकीय निगरानी और जरूरी जीवनरक्षक सहायता उपलब्ध कराई जा सकती है।

एंबुलेंस से अस्पताल तक रियल-टाइम में पहुंचेगा मरीज का डेटा

5G तकनीक से लैस एंबुलेंस में आधुनिक चिकित्सा उपकरण लगाए गए हैं। इनके जरिए मरीज के वाइटल्स, ईसीजी और अन्य जरूरी मेडिकल डेटा रियल-टाइम में अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों तक भेजा जा सकता है।

अस्पताल में मौजूद विशेषज्ञ स्क्रीन पर मरीज की स्थिति की निगरानी कर सकते हैं और एंबुलेंस में मौजूद मेडिकल स्टाफ को तत्काल जरूरी निर्देश दे सकते हैं। इससे मरीज के अस्पताल पहुंचने से पहले ही उपचार की तैयारी शुरू की जा सकती है।

अस्पताल पहुंचने से पहले तैयार होगी इमरजेंसी टीम

इस तकनीक का एक बड़ा फायदा यह भी है कि मरीज की स्थिति की जानकारी अस्पताल को पहले से मिल जाती है। इसके आधार पर मरीज के पहुंचने से पहले इमरजेंसी रूम और जरूरत पड़ने पर सर्जिकल टीम को तैयार किया जा सकता है।

ऐसी व्यवस्था गंभीर मरीजों के इलाज में समय बचाने के साथ शुरुआती चिकित्सा प्रबंधन को भी बेहतर बना सकती है।

कम खर्च में मेडिकल शिक्षा का भी मॉडल

ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की खासियत केवल अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं तक सीमित नहीं है। यह संस्थान कम लागत में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा उपलब्ध कराने का भी उदाहरण है।

देशभर के 20 ईएसआईसी मेडिकल कॉलेजों में कुल 1,755 एमबीबीएस सीटें हैं। यहां हॉस्टल सहित सालाना फीस करीब एक लाख रुपये बताई गई है। सीटों का विभाजन 15 प्रतिशत ऑल इंडिया, 50 प्रतिशत स्टेट और 35 प्रतिशत बीमित व्यक्ति कोटे के आधार पर किया जाता है।

अगर इसी तरह का मेडिकल कॉलेज उत्तराखंड में स्थापित होता है तो राज्य के स्थानीय युवाओं को कम खर्च में मेडिकल शिक्षा हासिल करने का बड़ा अवसर मिल सकता है।

1,044 बेड का स्वास्थ्य परिसर, 30 से ज्यादा किडनी ट्रांसप्लांट

ईएसआईसी के इस स्वास्थ्य परिसर में कुल 1,044 बेड उपलब्ध हैं। यहां 159 आईसीयू बेड के साथ सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सेवाएं भी संचालित की जा रही हैं।

संस्थान में अब तक 30 से अधिक सफल किडनी ट्रांसप्लांट भी किए जा चुके हैं। इससे गंभीर और जटिल बीमारियों के इलाज के लिए संस्थान की विशेषज्ञ चिकित्सा क्षमता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

डिजिटल हेल्थ से मजबूत हो सकता है उत्तराखंड का स्वास्थ्य तंत्र

उत्तराखंड में पहाड़ी क्षेत्रों की भौगोलिक चुनौतियों के कारण स्वास्थ्य सेवाओं तक समय पर पहुंच आज भी बड़ी समस्या है। ऐसे में 5G जैसी तकनीक का इस्तेमाल मरीज और विशेषज्ञ डॉक्टर के बीच दूरी को काफी हद तक कम कर सकता है।

डॉ. एस. सीथा लक्ष्मी का सुझाव इस दिशा में महत्वपूर्ण माना जा सकता है। अगर उत्तराखंड में 5G कनेक्टेड एंबुलेंस जैसी तकनीक को जरूरत वाले पर्वतीय क्षेत्रों में प्रभावी तरीके से लागू किया जाता है, तो गंभीर मरीजों को अस्पताल पहुंचने से पहले ही विशेषज्ञ चिकित्सकीय सहायता मिल सकती है। इससे राज्य की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा सकता है।

Hot this week

Topics

Srinagar Airport पर पोल से टकराया इंडिगो विमान, सभी यात्री और क्रू सुरक्षित

एफएनएन, श्रीनगर : Srinagar Airport जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img