03
Gemini_Generated_Image_yb399pyb399pyb39
previous arrow
next arrow
Shadow

750 करोड़ बैंक घोटाला : निजी बैंकों पर बड़ा एक्शन, CBI जांच के आदेश

Stay connected via Google News
Follow us for the latest updates.
Add as preferred source on Google

एफएनएन, चंडीगढ़ : हरियाणा में निजी बैंकों द्वारा सरकारी विभागों के फंड में किए गए बड़े फर्जीवाड़े को लेकर अब बड़ा फैसला लिया गया है. प्रदेश सरकार ने इस पूरे मामले की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी यानी Central Bureau of Investigation (CBI) को सौंपने की सिफारिश कर दी है. शुरुआती जांच में सामने आया कि ये मामला छोटे स्तर का नहीं, बल्कि करोड़ों रुपये के बड़े वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा है. अब जल्द ही CBI इस पूरे मामले की गहराई से जांच शुरू करेगी.

निजी बैंकों पर करोड़ों की सेंधमारी के आरोप: इस मामले में कई बड़े निजी बैंक जांच के घेरे में आए हैं. जानकारी के अनुसार, IDFC First Bank और AU Small Finance Bank पर मिलकर करीब 590 करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े के आरोप लगे हैं. वहीं Kotak Mahindra Bank पर पंचकूला नगर निगम के करीब 160 करोड़ रुपये में गड़बड़ी करने का मामला सामने आया है. इन आरोपों ने राज्य की वित्तीय व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

सख्ती के बाद पैसे की रिकवरी शुरू: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के सख्त रुख के बाद इस मामले में तेजी से कार्रवाई देखने को मिली है. पंचकूला नगर निगम का कोटक महिंद्रा बैंक से 127.27 करोड़ रुपये का मूल धन वापस आ चुका है. इसके अलावा हरियाणा पावर जनरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPGCL) का एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक से 25 करोड़ रुपये भी वापस मिल चुके हैं. वहीं IDFC फर्स्ट बैंक से पूरी राशि पहले ही रिकवर की जा चुकी थी.

सरकार का दावा- अब कोई पैसा बकाया नहीं: सरकार का कहना है कि सख्त कार्रवाई के चलते अब किसी भी बैंक में हरियाणा सरकार का कोई पैसा बकाया नहीं है. ये पूरी प्रक्रिया तेज निगरानी और लगातार दबाव के कारण संभव होपाई है. अधिकारियों को भी स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही न हो और वित्तीय लेनदेन पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाए.

Stay connected via Google News
Follow us for the latest updates.
Add as preferred source on Google

Hot this week

Topics

spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img