03
Gemini_Generated_Image_yb399pyb399pyb39
WhatsApp Image 2026-08-14 at 9.45.28 AM
previous arrow
next arrow
Shadow

2 july को उत्तराखंड के 13 जिलों में होगी मानसून आपदा मॉक ड्रिल, 70 स्थानों पर परखी जाएगी तैयारियां

एफएनएन, उत्तराखंड : 2 july मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के तहत उत्तराखंड में मानसून सीजन के दौरान संभावित आपदाओं से निपटने की तैयारियों को और मजबूत करने के लिए 2 जुलाई को राज्यव्यापी मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। यह अभ्यास राज्य के सभी 13 जनपदों में लगभग 70 नए स्थानों पर किया जाएगा, जहां राहत और बचाव कार्यों की वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप समीक्षा की जाएगी।

मॉक ड्रिल की तैयारियों को लेकर सचिव, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन की अध्यक्षता में ओरिएंटेशन एवं समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी जिलों को अभ्यास के सफल संचालन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

सचिव ने बताया कि मुख्यमंत्री ने हाल ही में मानसून पूर्व तैयारियों की समीक्षा के दौरान विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और आपदा प्रबंधन तंत्र को मजबूत बनाने के लिए राज्यव्यापी मॉक ड्रिल आयोजित करने के निर्देश दिए थे। इस बार मॉक ड्रिल उन स्थानों पर कराई जाएगी जहां पहले कभी ऐसा अभ्यास नहीं हुआ है।

उन्होंने बताया कि 30 जून को टेबल टॉप एक्सरसाइज आयोजित की जाएगी, जिसमें सभी जिलों द्वारा अपनी तैयारियों, उपलब्ध संसाधनों, उनकी तैनाती और मॉक ड्रिल की कार्ययोजना का प्रस्तुतीकरण किया जाएगा। यह पूरा अभ्यास घटना प्रतिक्रिया प्रणाली (IRS) के तहत संचालित होगा।

मॉक ड्रिल में सामुदायिक भागीदारी को विशेष महत्व दिया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि किसी भी आपदा की स्थिति में स्थानीय समुदाय सबसे पहले प्रतिक्रिया देने वाला समूह होता है, इसलिए उनकी भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया जाएगा। टेबल टॉप एक्सरसाइज के दौरान विभिन्न आपदा प्रबंधन एवं आपातकालीन एजेंसियों द्वारा उपकरणों और संसाधनों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी तथा उनके संचालन का अभ्यास कराया जाएगा।

अभ्यास के दौरान मानसून से जुड़ी विभिन्न आपदा स्थितियों का रियल टाइम सिमुलेशन किया जाएगा। इनमें रिहायशी क्षेत्रों में जलभराव, तटबंधों पर खतरा, स्कूलों से बच्चों की सुरक्षित निकासी, भूस्खलन के कारण मार्ग अवरुद्ध होना, कटे हुए क्षेत्रों तक राहत सामग्री पहुंचाना, जल विद्युत परियोजनाओं से पानी छोड़े जाने की स्थिति में अलर्ट जारी करना और छतों पर फंसे लोगों का हेली रेस्क्यू जैसे परिदृश्य शामिल रहेंगे।

इसके अलावा राहत शिविरों में बिजली, पेयजल, भोजन, प्राथमिक उपचार, शिशु आहार और गर्भवती महिलाओं के लिए आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता भी परखी जाएगी। आपदा प्रबंधन विभाग का उद्देश्य इस अभ्यास के माध्यम से विभिन्न विभागों और एजेंसियों की समन्वित कार्यप्रणाली को मजबूत बनाना और किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना है।

बैठक में अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशासन प्रकाश चंद्र ने आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके सरकारी कर्मचारियों का डेटाबेस तैयार करने और उन्हें प्रथम प्रतिक्रियादाता के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। वहीं, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (क्रियान्वयन) डीआईजी राजकुमार नेगी ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से टेबल टॉप और मॉक ड्रिल की विस्तृत रूपरेखा साझा की।

Hot this week

NEET UG फर्जी सर्टिफिकेट मामले में पहली गिरफ्तारी, SIT ने दो आरोपियों को दबोचा

एफएनएन, देहरादून : NEET UG काउंसलिंग के दौरान कथित...

Topics

Lawrence Bishnoi के नाम पर जेल अधीक्षक को धमकी, तमंचे के साथ आरोपी गिरफ्तार

एफएनएन, हरिद्वार : Lawrence Bishnoi रोशनाबाद स्थित जिला कारागार...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img