एफएनएन , देहरादून : दीपावली के त्योहार को सुरक्षित बनाने के लिए उत्तराखंड में प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। त्योहार के दौरान पटाखों से आग लगने, लोगों के झुलसने, आंखों में चोट लगने और सड़क दुर्घटनाओं जैसी घटनाओं की आशंका को देखते हुए पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, 108 एंबुलेंस सेवा और अग्निशमन विभाग को अलर्ट मोड पर रखा गया है। प्रदेशभर में आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय किया गया है, ताकि किसी भी घटना की सूचना मिलते ही तत्काल राहत और उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
प्रमुख बाजारों, धार्मिक स्थलों, चौक-चौराहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस की तैनाती बढ़ाई गई है। वहीं, अस्पतालों में इमरजेंसी सुविधाएं दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेशभर में 108 सेवा की 272 एंबुलेंस मुस्तैद रहेंगी, जबकि देहरादून जिले में 12 प्रमुख स्थानों पर दमकल वाहन तैनात किए जा रहे हैं।
भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस की बढ़ाई गई निगरानी
दीपावली के दौरान बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है। इसे देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की है। प्रमुख बाजारों, धार्मिक स्थलों और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
सुरक्षा के लिए पैदल गश्त और वाहन पेट्रोलिंग के साथ ड्रोन व सीसीटीवी कैमरों से भी निगरानी की जा रही है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, किसी भी आपात स्थिति में लोग हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं।
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एंबुलेंस सेवा के लिए 108
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पुलिस और अग्निशमन सहायता के लिए 112
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अग्निशमन विभाग के लिए 101
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पुलिस कंट्रोल रूम के लिए 100
अस्पतालों में इमरजेंसी बेड और डॉक्टरों की ड्यूटी तय
दीपावली के दौरान पटाखों से जलने, आंखों में चोट लगने और अन्य दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए सरकारी और निजी अस्पतालों को भी तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पतालों में इमरजेंसी बेड आरक्षित रखने के साथ ही आपातकालीन वार्डों में पर्याप्त दवाइयां और चिकित्सा से जुड़ी जरूरी सामग्री उपलब्ध रखने को कहा गया है।
डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की ड्यूटी भी निर्धारित की गई है। इमरजेंसी सेवाओं में सर्जन, नेत्र रोग विशेषज्ञ, फिजिशियन और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को तैनात रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी घायल व्यक्ति को समय पर उपचार मिल सके।
देहरादून के मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने अस्पतालों को इमरजेंसी वार्ड में पर्याप्त दवाइयां और मेडिकल उपकरण उपलब्ध रखने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की नाइट ड्यूटी भी तय करने को कहा गया है।
प्रदेशभर में 272 एंबुलेंस रहेंगी हाई अलर्ट पर
दीपावली के दौरान आपातकालीन चिकित्सा सहायता के लिए प्रदेशभर में 108 सेवा की 272 एंबुलेंस तैनात रहेंगी। आपातकालीन एंबुलेंस सेवा के जीएम प्रोजेक्ट्स अनिल शर्मा ने बताया कि त्योहार को देखते हुए सभी 272 एंबुलेंस को हाई अलर्ट पर रखने के निर्देश दिए गए हैं। कर्मचारियों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
उन्होंने बताया कि त्योहार के दौरान संवेदनशील स्थानों पर एंबुलेंस की तैनाती की जा रही है। इसके साथ ही तकनीकी स्तर पर भी ऐसी व्यवस्थाएं की गई हैं, जिससे एंबुलेंस को जाम में फंसने से बचाया जा सके और जरूरत पड़ने पर वह जल्द से जल्द घटनास्थल तक पहुंच सके।
देहरादून के प्रमुख चौराहों पर तैनात रहेंगी एंबुलेंस
देहरादून जिले में सर्वे चौक, घंटाघर, जाखन, रायपुर, बल्लूपुर चौक, प्रेमनगर, विधानसभा और रेसकोर्स समेत प्रमुख स्थानों पर एंबुलेंस तैनात की गई हैं। इन स्थानों पर एंबुलेंस की मौजूदगी से किसी भी दुर्घटना या मेडिकल इमरजेंसी के दौरान मरीजों को जल्द अस्पताल पहुंचाने में मदद मिलेगी।
अनिल शर्मा ने बताया कि दीपावली के दौरान सभी कर्मचारियों को सतर्क रहने और सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
देहरादून में 12 स्थानों पर तैनात होंगे दमकल वाहन
पटाखा बाजारों, मॉल और घनी आबादी वाले इलाकों में आगजनी की घटनाओं को रोकने और उनसे निपटने के लिए अग्निशमन विभाग ने भी विशेष इंतजाम किए हैं। देहरादून जिले में 12 प्रमुख स्थानों पर फायर टेंडर तैनात किए जा रहे हैं।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी अभिनव त्यागी के मुताबिक, पलटन बाजार, दिलाराम बाजार, घंटाघर चौक, प्रेमनगर, धर्मपुर, सहस्त्रधारा क्रॉसिंग, सहारनपुर चौक, दर्शनी गेट, किर्शाली चौक, मसूरी डायवर्जन और निरंजनपुर मंडी सहित 12 स्थानों पर दमकल वाहनों की तैनाती की जा रही है।
46 अग्निशमन कर्मचारियों की लगाई गई ड्यूटी
अभिनव त्यागी ने बताया कि देहरादून जिले में दीपावली के दौरान अग्निशमन विभाग के 46 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके लिए 8 बड़े फायर टेंडर, 2 छोटे फायर टेंडर और 2 मोबाइल बैग पैक यूनिट तैनात की गई हैं। इसके अतिरिक्त कुछ कर्मचारियों और दमकल वाहनों को रिजर्व में रखा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त संसाधनों का इस्तेमाल किया जा सके।
उन्होंने बताया कि आग, धुएं या किसी अन्य आपात स्थिति की सूचना मिलने पर टीमें तत्काल मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करेंगी।
अभिनव त्यागी, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, देहरादून








