एफएनएन, देहरादून : उत्तराखंड के पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत के खिलाफ दुष्कर्म के आरोप लगाने वाली जेनी उर्फ इंदिरा देवी ने अब पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है। महिला ने वर्ष 2003 में हुई कथित घटना का हवाला देते हुए हरक सिंह रावत के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और पूरे मामले की सीबीआई से दोबारा जांच कराने की मांग उठाई है। महिला का आरोप है कि जब वह महज 16 साल की थी, तब उसके साथ दुष्कर्म किया गया था। इस घटना के बाद उसने एक बेटे को जन्म दिया, जो अब 23 साल का है।
शनिवार को देहरादून में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान महिला ने अपने साथ हुए कथित घटनाक्रम को लेकर कई खुलासे किए। उसने पुराने मामले की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए दोबारा डीएनए टेस्ट कराने की मांग भी की।
16 साल की उम्र में देहरादून आने का किया दावा
जेनी उर्फ इंदिरा देवी ने बताया कि वह अक्टूबर 2002 में देहरादून आई थी। उस समय उसकी उम्र करीब 16 साल थी और वह यमुना कॉलोनी में लगभग दो महीने तक रही थी। महिला का आरोप है कि इसी दौरान तत्कालीन मंत्री हरक सिंह रावत ने उसके साथ दुष्कर्म किया।
उसने कहा कि उस समय हरक सिंह रावत सत्ता में थे और उनके प्रभाव के चलते उसे कहीं से भी मदद नहीं मिल पाई। महिला के मुताबिक, वह काफी मुश्किल परिस्थितियों से गुजरी, लेकिन उसकी बात सुनने वाला कोई नहीं था।
पागलखाने में रखने और धमकाकर दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराने का आरोप
महिला ने आरोप लगाया कि घटना के बाद उसे मानसिक अस्पताल में भर्ती करा दिया गया था। उस समय वह गर्भवती थी और उसके साथ कई तरह की घटनाएं हुईं। महिला का कहना है कि उसे धमकाकर वहां से बाहर निकाल दिया गया और कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा गया।
उसने बताया कि उस समय उसे हिंदी भाषा की जानकारी भी नहीं थी। ऐसे में दस्तावेजों में क्या लिखा था, वह ठीक से समझ नहीं पाई और उससे जहां हस्ताक्षर करने को कहा गया, उसने कर दिए।
महिला के अनुसार, सीबीआई की टीम उससे मिलने मानसिक अस्पताल में केवल एक बार आई थी। इसके बाद जांच किस तरह आगे बढ़ी, इसकी उसे कोई जानकारी नहीं दी गई।
बेटे का डीएनए टेस्ट नहीं होने पर उठाए सवाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जेनी ने पुराने डीएनए टेस्ट की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए। उसका कहना है कि जब उसके बेटे का ही डीएनए सैंपल नहीं लिया गया, तो फिर जांच में डीएनए टेस्ट कैसे हुआ?
महिला ने मामले की नए सिरे से सीबीआई जांच कराने के साथ ही दोबारा डीएनए टेस्ट कराने की मांग की है। उसने कहा कि उसका बेटा अब 23 साल का हो चुका है और उसे अपने पिता का नाम जानने का अधिकार है।
मुख्यमंत्री के बयान के बाद देहरादून आने का लिया फैसला
महिला ने बताया कि जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस पुराने मामले का जिक्र किया और उसका नाम सामने आया, तब उसने देहरादून आकर अपनी बात रखने का फैसला किया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान महिला कई बार भावुक भी हुई। उसने कहा कि इतने वर्षों तक वह अपने साथ हुए कथित घटनाक्रम को लेकर संघर्ष करती रही, लेकिन उसे न्याय नहीं मिल पाया।
डीजीपी को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग
जेनी उर्फ इंदिरा देवी ने उत्तराखंड के डीजीपी को पत्र भेजकर पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। इसके साथ ही उसने मामले की सीबीआई से जांच कराने और बेटे का दोबारा डीएनए टेस्ट कराने की मांग भी रखी है।
फिलहाल यह मामला उत्तराखंड की राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है। एक तरफ महिला पुराने मामले में न्याय और निष्पक्ष जांच की मांग कर रही है, वहीं हरक सिंह रावत पहले ही अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज कर चुके हैं। अब पुलिस और संबंधित जांच एजेंसियों की ओर से इस शिकायत पर क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।







