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विधायक बनने के लिए जिला पंचायत अध्यक्ष के पति ने तोड़े सदस्यों के सपने, अपने इलाके में ही खर्च कर दी जिला पंचायत की 48 करोड़ की रकम

  •  जिला पंचायत सदस्यों ने जिला पंचायत अध्यक्ष रेनू गंगवार के पति सुरेश गंगवार पर लगाए गंभीर आरोप
  • सितारगंज क्षेत्र में जिला पंचायत से हुए विकास कार्यों की जांच कराने की मांग

एफएनएन, रुद्रपुर : जिला पंचायत में सब कुछ ठीक-ठाक नहीं चल रहा। आरोप है कि वित्त अधिकार के नाम पर पिछले 3 साल से मनमाने तरीके से जिला पंचायत अध्यक्ष के पति सुरेश गंगवार गड़बड़झाला कर रहे हैं। अपने क्षेत्र में सदन की स्वीकृति के बिना व बिना टेंडर प्रक्रिया अपनाए उन्होंने 48 करोड़ से भी ज्यादा खर्च कर दिए हैं।

जिला पंचायत सदस्यों की मानें तो सितारगंज से विधायक बनने की आस में उन्होंने जिला पंचायत सदस्यों को विकास के लिए मिलने वाला यह पैसा सितारगंज विधानसभा क्षेत्र में खर्च किया लेकिन पैसा किन विकास कार्यों में लगा इसकी भी जांच जरूरी है। आज जिला पंचायत की बैठक में सदस्यों ने खासा हंगामा भी किया। अपर मुख्य अधिकारी को हस्ताक्षरित पत्र भी सौंपा।

आपको बताते चलें कि जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर पिछले 20 साल से गंगवार परिवार का कब्जा है। पहले मौजूदा अध्यक्ष रेनू गंगवार की सास सुशीला गंगवार दो बार अध्यक्ष रही उसके बाद ससुर ईश्वरी प्रसाद गंगवार अध्यक्ष रहे। जिला पंचायत सदस्यों का आरोप है कि रेनू गंगवार के पति कांग्रेस नेता सुरेश गंगवार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से टिकट मांग रहे थे, लेकिन पार्टी ने उनकी इच्छा पूरी नहीं की।

इससे पहले उन्होंने जिला पंचायत को चुनाव में बैसाखी के रूप में इस्तेमाल किया और मनमाने ढंग से अधिकारों का दुरुपयोग किया। सितारगंज क्षेत्र में ही सदस्यों से छुपाकर राज्य वित्त व 15वें वित्त से प्राप्त धनराशि में से 48 करोड़ के काम सुरेश गंगवार द्वारा करा दिए गए।

सदस्यों का कहना है कि सितारगंज क्षेत्र में हुए इन 48 करोड़ के काम की जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने इसमें बड़े घोटाले की आशंका जताई है। जिला पंचायत सदस्यों का कहना है कि उनके अधिकार का हनन किया जा रहा है। जिला पंचायत अध्यक्ष समान रूप से कार्य न बांटकर अपने क्षेत्र में सदन की स्वीकृति के बिना व बिना टेंडर प्रक्रिया के धन खर्च कर रही हैं।

आपको बता दें कि अभी तक जिला पंचायत अध्यक्ष को 15वें वित्त और राज्य से प्राप्त धनराशि का 25 फीसद अपने हिसाब से खर्च करने का अधिकार है, जिसे समाप्त किए जाने की सदस्यों ने मांग की है। जानें, क्या कुछ कहा प्रतापपुर 28 काशीपुर से जिला पंचायत सदस्य विपिन कुमार व अन्य सदस्यों ने।

 

क्रमश : जल्द ही आपको बताएंगे कि कहां खर्च कर दी गई सैनिटाइजर के नाम पर 48 लाख की धनराशि।

 

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