
- लोग पूछ रहे…क्या अब दराती के लिए भी लाइसेंस जरूरी होगा
- गिरफ्तारी को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर छिड़ी बहस
एफएनएन, रूद्रपुर : सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर ज्योति अधिकारी की गिरफ्तारी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह भी है कि अगर पहाड़ पर घास काटने वाली दराती को लहराना अपराध की श्रेणी में आता है तो राइफल, बंदूक और तमंचा लहराना क्यों नहीं ? सोशल मीडिया पर यह बहस तेजी से छिड़ गई है और सत्ताधारी भाजपा से जुड़े पूर्व विधायक कुंवर प्रणब चैंपियन की वो वीडियो वायरल हो रही हैं जिसमें वह पिस्तौल और राइफल लहराकर डांस करते और उत्तराखंड को गाली देते नजर आ रहे है। लोग सवाल पूछ रहे हैं कि सरकार का यह दोहरा मापदंड क्यों ? सवाल यह भी पूछा जाने लगा है कि क्या दराती रखने पर भी अब लाइसेंस लेना होगा ? यहां तक कि गुस्से की इस आग में अब खानपुर से मौजूदा विधायक उमेश शर्मा तक लपेटे में आ गए हैं।
पिछले दिनों बंदूक लेकर कुंवर प्रणव चैंपियन के घर की ओर भागने का उनका वीडियो सुर्खियों में है। रही बात ज्योति अधिकारी की तो लोग उसे बड़बोला बताते हुए देवी देवताओं और कुमाऊं की महिलाओं पर की गई टिप्पणी को तो गलत बता रहे हैं लेकिन आर्म्स एक्ट में दर्ज हुए मुकदमे को पूरी तरह गलत। सोशल मीडिया पर ज्योति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने वाली जूही चुफाल को भी टारगेट किया जा रहा है। कहा जा रहा है कि महिला ही महिला की दुश्मन होती है और जूही ने यह कर दिखाया है।
इधर, ज्योति के खिलाफ अब तक कुमाऊं भर में कई मामले दर्ज हो चुके हैं और उनकी जमानत याचिका पर हल्द्वानी कोर्ट में सोमवार को सुनवाई होनी है। जमानत मिलेगी भी या नहीं, इस पर अभी संशय है लेकिन ज्योति को लेकर फेसबुक, इंस्टाग्राम और तमाम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लंबी बहस चल रही है। ज्योति के भाई का वीडियो भी वायरल है जिसमें वह ज्योति की ओर से सफाई देते नजर आ रहे हैं। कह रहे हैं कि ज्योति ठीक हैं और जल्द ही उनकी वीडियो सामने आएगी। वह यह भी कह रहे हैं कि अगर ज्योति की बात से किसी को ठेस पहुंची है तो वह माफी मांगते हैं।
कुल मिलाकर सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर की यह गिरफ्तारी सुर्खियों में है। अंकिता भंडारी हत्याकांड में भले ही सीबीआई जांच की संस्तुति हो गई हो, लेकिन कांग्रेस अभी भी इस मामले में मुखर है। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने साफ-साफ कहा है कि अगर जांच सिटिंग या रिटायर्ड जज के निर्देशन में होती है, तो ही न्याय की उम्मीद है।
कुल मिलाकर हल्द्वानी की रहने वाली ज्योति अब चर्चाओं में हैं। देखना होगा कि उनकी जमानत अर्जी पर सोमवार को हल्द्वानी कोर्ट क्या फैसला लेता है।





