थाना शाही के ग्राम कुल्छा निवासी देवराज कुछ वर्ष पहले सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता के पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। वर्ष 2021 में मिली गोपनीय शिकायत पर स्टेट विजिलेंस ने उनके खिलाफ खुली जांच शुरू की थी। प्रारंभिक जांच में ही साफ हो गया कि देवराज ने लोकसेवक के रूप में काम करते हुए आय के वैध स्रोतों से करीब 2.31 करोड़ रुपये अधिक अनुचित ढंग से अर्जित किए।