बैठक में समिति के अध्यक्ष जितेंद्र मिश्रा ने कहा कि ऐतिहासिक बरेली कॉलेज में बीस-बीस साल से भी ज्यादा लगातार नौकरी करने के बावजूद सैकड़ों अस्थायी कर्मचारियों को न तो श्रम विभाग से तय न्यूनतम वेतन दिया जा रहा है और न ही किसी के स्थायित्व की प्रक्रिया शुरू की गई है। हमारी कोशिश संगठन के बैनर तले समय-समय पर धरना-प्रदर्शन करने की होगी। कॉलेज प्रबंधन और जिला प्रशासन से वार्ता कर अस्थायी कर्मचारियों को श्रम विभाग से निर्धारित न्यूनतम मासिक वेतन, शासन द्वारा निर्धारित सभी भत्ते दिलवाने के साथ ही उनका नियमितीकरण कराने की पहल भी जारी रखी जाएगी।