जांच दल को दोनों युवकों के खाते में टेरर फंडिंग की आशंका थी। साथ ही यह भी जानकारी थी कि वह आतंकी संगठनों से जुड़े हुए भी हैं। हालांकि अभी कई बातें स्पष्ट नहीं हो सकी थीं, इसलिए दोनों टीमें रवाना हो गई।
वादिनी का आरोप है कि उसने अपने पति के विरुद्ध शिकायत में पंचायती सुलहनामे की प्रति विवेचक नितिन कुमार को देकर मामले को बगैर कार्रवाई निस्तारित करने की मांग की लेकिन प्रषिक्षु दारोगा और भी रिॆश्वत ऐंठने के चक्कर में सुलह के महत्त्वपूर्ण तथ्य को अंगूठा दिखाते हुए कानूनन खत्म हो चुके इस केस में भी मनमाने ढंग से चार्जशीट लगाकर अपने दफ्तर में जमा करवा दी।