
एफएनएन, बरेली : आगामी त्योहारों को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने शुक्रवार की सुबह तबादला एक्सप्रेस दौड़ाते हुए 28 इंस्पेक्टरों और 26 दरोगा को इधर से उधर किया है। साथ ही रिश्वत की नोटों की गड्डी पर सोने वाले इंस्पेक्टर रामसेवक को पुलिस लाइन से क्राइम ब्रांच भेजा गया है।
बता दें कि कांवड़ यात्रा और मोहर्रम को लेकर तबादला किया गया है। जिसमें पुलिस लाइन से इंस्पेक्टर राजकुमार सिंह को डीसीआरबी प्रभारी, गिरीश प्रसाद को डीसीआरबी से पुलिस लाइन, प्रदीप चतुर्वेदी को पुलिस लाइन से रिट सेल, धर्मेंद्र सिंह को लाइन से प्रभारी मानवाधिकार भेजा गया है।
जबकि, राजेश को पुलिस लाइन से प्रभारी विशेष जांच प्रकोष्ट व सीसीटीएनएस, हरपाल को पुलिस लाइन से एसएसपी पीआरओ, चमन सिंह को लाइन से क्राइम इंस्पेक्टर शीशगढ़ भेजा गया है। इसी तरह से कुल 28 इंस्पेक्टर और 26 दरोगा का तबादला किया गया है।
नोटों की गड्डी पर सोते थे इंस्पेक्टर रामसेवक
पुलिल लाइन से इंस्पेक्टर रामसेवक को क्राइम ब्रांच भेजा गया है। ये वही इंस्पेक्टर हैं जिन पर सात लाख रुपये लेकर दो स्मैक तस्करों को छोड़ने के आरोप में एसएसपी ने निलंबित किया था। आरोप था कि इंस्पेक्टर रामसेवक ने फरीदपुर के गांव नवदिया अशोक निवासी आलम, नियाज अहमद और अशनूर को तीन सौ ग्राम अफीम के साथ पकड़ा था। 22 अगस्त 2024 को रामसेवक ने सात लाख रुपये लेकर आलम और नियाज अहमद को छोड़ दिया।रिश्वत में मिली रकम रामसेवक ने अपने आवास में रख दी।
एसएसपी अनुराग आर्य के निर्देश पर तत्कालीन एसपी दक्षिणी मानुष पारीक और सीओ गौरव सिंह ने छापामार कर कमरे से करीब 10 लाख रुपये बरामद किए थे, लेकिन रामसेवक मोबाइल छोड़कर दीवार फांदकर फरार हो गए थे। साथ ही सर्विस पिस्तौल और 10 कारतूस भी ले गए थे।

