एफएनएन , रुद्रप्रयाग : उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में निराश्रित और आवारा पशुओं की बढ़ती समस्या अब आम लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है। गांवों से लेकर राष्ट्रीय राजमार्गों तक आवारा कुत्तों और बेसहारा गौवंश के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कहीं आवारा कुत्ते लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर रहे हैं तो कहीं बेकाबू गौवंश बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों के पीछे दौड़कर उनकी जान जोखिम में डाल रहे हैं। बीते रोज सुमाड़ी भरदार और बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग के घोलतीर क्षेत्र में सामने आई दो घटनाओं ने इस समस्या की गंभीरता को उजागर कर दिया।
सुमाड़ी भरदार में कुत्ते ने चार लोगों को काटकर किया घायल
पहली घटना सुमाड़ी भरदार क्षेत्र की है, जहां एक आक्रामक कुत्ते ने चार लोगों पर हमला कर उन्हें काटकर घायल कर दिया। अचानक हुए हमले से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और ग्रामीणों में दहशत फैल गई। घटना की सूचना मिलने के बाद पशुपालन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। टीम ने काफी मशक्कत के बाद आक्रामक कुत्ते का रेस्क्यू किया और उसे ग्राम प्रधान के सुपुर्द कर दिया।
घोलतीर में गौवंश ने बच्चों और ग्रामीणों को दौड़ाया
दूसरी घटना बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित घोलतीर क्षेत्र की है। यहां एक निराश्रित गौवंश अचानक आक्रामक हो गया और उसने बच्चों तथा स्थानीय ग्रामीणों को दौड़ाना शुरू कर दिया। गौवंश के इस व्यवहार से क्षेत्र में भय का माहौल बन गया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पशुपालन विभाग, वन विभाग और गौ रक्षा विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। ग्रामीणों के सहयोग से रेस्क्यू अभियान चलाया गया। काफी मशक्कत के बाद बेकाबू गौवंश को सुरक्षित काबू में कर रेंतोली स्थित निराश्रित गौवंश आश्रय स्थल पहुंचाया गया।
कुत्तों के हमलों से 12 से अधिक लोग घायल
घोलतीर के ग्रामीणों के अनुसार, क्षेत्र में आवारा कुत्तों के हमलों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। अब तक 12 से अधिक लोगों के कुत्तों के काटने से घायल होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। वहीं, निराश्रित गौवंश भी सड़कों और आबादी वाले क्षेत्रों में लोगों के पीछे दौड़कर हमला कर रहे हैं। इससे खासकर स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
गौवंश को बेसहारा छोड़ने वालों पर कार्रवाई की मांग
घोलतीर के ग्राम प्रधान राकेश राणा, क्षेत्र पंचायत सदस्य सतीश राणा और बॉबी राणा ने कहा कि कुछ लोग अपने स्वार्थ के लिए गौवंश का उपयोग करने के बाद उन्हें सड़कों पर बेसहारा छोड़ देते हैं। ऐसे गैर जिम्मेदार लोगों के कारण एक तरफ गौवंश की दुर्दशा हो रही है, वहीं दूसरी तरफ आम लोगों की जान भी खतरे में पड़ रही है।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि निराश्रित गौवंश को सड़कों पर छोड़ने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए।
गौ रक्षा विभाग ने भी जताई चिंता
गौ रक्षा विभाग के अध्यक्ष रोहित डिमरी ने कहा कि जिले में निराश्रित गौवंश की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। कुछ लोग गौवंश से काम लेने के बाद उन्हें बेसहारा छोड़ देते हैं। इसके कारण राष्ट्रीय राजमार्गों और ग्रामीण सड़कों पर दुर्घटनाओं के साथ ही लोगों पर हमले का खतरा भी बढ़ रहा है।
उन्होंने प्रशासन से ऐसे लोगों को चिह्नित कर उनके खिलाफ ठोस कार्रवाई करने की मांग की, ताकि इस समस्या पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
शिकायत मिलने पर किया जा रहा पशुओं का रेस्क्यू
पशु चिकित्सा फार्मेसी अधिकारी इन्द्रजीत ने बताया कि शिकायत मिलने पर पशुपालन विभाग और गौ रक्षा विभाग की टीमें तत्काल कार्रवाई कर रही हैं। आवारा और आक्रामक पशुओं के रेस्क्यू के लिए विभागीय स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने स्थानीय लोगों से सतर्क रहने और इस तरह की घटनाओं की सूचना तत्काल संबंधित विभाग को देने की अपील की। फिलहाल जिले में आवारा पशुओं की बढ़ती समस्या ने ग्रामीणों और राहगीरों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।








