03
Gemini_Generated_Image_yb399pyb399pyb39
previous arrow
next arrow
Shadow

केदारनाथ आपदा में बहे रामबाड़ा- गरुड़चट्टी मार्ग को बनाने का रास्ता साफ, केंद्र सरकार की हरी झंडी

Spread the love

एफएनएन, रुद्रप्रयाग : रुद्रप्रयाग जिले के तहत वर्ष 2013 में आई केदारनाथ आपदा में बहे रामबाड़ा- गरुड़चट्टी पैदल मार्ग को बनाने का रास्ता अब पूरी तरह से साफ हो गया है। केंद्र सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने मार्ग के निर्माण के लिए वन भूमि हस्तांतरण को अपनी अंतिम मंजूरी दे दी है। अब भूमि हस्तांतरण के साथ ही कार्यदायी संस्था लोनिवि मार्ग के निर्माण का काम शुरू करेगी।

केदारनाथ जाने के लिए वर्ष 2013 से पहले रामबाड़ा-गरुड़चट्टी मार्ग से ही यात्रा होती थी। लेकिन आपदा में मार्ग के बह जाने के बाद इसका अलाइनमेंट बदलते हुए मंदाकिनी नदी के दूसरी तरफ नया मार्ग बनाया गया। इससे केदारनाथ की दूरी ढाई से तीन किमी बढ़ गई। पुराने मार्ग को पुराने स्वरूप में लौटाने के लिए तभी से प्रयास किए जा रहे थे, जो अब सफल होने जा रहा है।

  • इस साल जुलाई माह में दी थी सैद्धांतिक स्वीकृति

इस मार्ग के निर्माण के लिए उत्तराखंड राज्य वाइल्ड लाइफ बोर्ड और राष्ट्रीय वाइल्ड लाइफ बोर्ड भूमि हस्तांतरण के लिए पहले ही मंजूरी दे चुका है। इसके तहत रामबाड़ा से गरुड़ चट्टी तक 6.750 से 12.10 किमी तक करीब पांच किमी पैदल मार्ग निर्माण के लिए 0.983 हेक्टेयर वन भूमि लोनिवि को हस्तांतरित की जानी है।

वन विभाग के प्रस्ताव पर केंद्र ने इस साल जुलाई माह में सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी थी। इसके बाद राज्य सरकार की ओर से सितंबर माह में संशोधित मिटिगेशन प्लान प्रस्तुत किया गया था। जिसे अब केंद्र की ओर से मंजूरी मिली है। अपर प्रमुख वन संरक्षक एवं नोडल अधिकारी रंजन मिश्रा ने इसकी पुष्टि की है।

  • दो से ढाई किमी घट जाएगी केदारनाथ की दूरी

रामबाड़ा से गरुड़चट्टी तक पुराने पैदल मार्ग के जीवित होने से केदारनाथ धाम की पैदल दूरी करीब दो से ढाई किमी तक घट जाएगी। गरुड़ चट्टी से केदारनाथ तक पैदल मार्ग के करीब तीन किमी हिस्से का निर्माण वर्ष 2017 में पूरा कर लिया गया था।

ये भी पढ़ें…बाजपुर : बाइक सवार दो युवकों की कार की टक्कर से मौत, शादी समारोह में थे जा रहे

  • गरुड़ चट्टी से रहा है पीएम मोदी का आध्यात्मिक नाता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गरूड़ चट्टी से आध्यात्मिक नाता रहा है। राजनीति में आने से पहले 80 के दशक में मोदी ने करीब डेढ़ माह तक गरुड़ चट्टी गुफा में रहकर साधना की थी। तब वह प्रतिदिन गरुड़ चट्टी से पैदल बाबा केदार के दर्शन करने जाते थे। अपनी केदारनाथ यात्रा के दौरान उन्होंने पुराने मार्ग को संवारने का संकल्प दोहराया था।

Hot this week

Rudrapur में तराई विकास संघ चुनाव से पहले बवाल, डेलीगेट्स सूची पर उठा विवाद

एफएनएन, रुद्रपुर : Rudrapur में तराई विकास संघ के चुनाव...

दिनेशपुर में स्विमिंग पूल में नहाते समय युवक की संदिग्ध मौत

एफएनएन, रुद्रपुर : उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के...

Topics

दिनेशपुर में स्विमिंग पूल में नहाते समय युवक की संदिग्ध मौत

एफएनएन, रुद्रपुर : उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के...

Chakrata जा रहे पर्यटकों की कार 250 मीटर गहरी खाई में गिरी, दो की मौत, तीन गंभीर

एफएनएन, देहरादून : Chakrata उत्तराखंड के चकराता क्षेत्र में...

Rishikesh में बेटे ने मां को मारी गोली, घरेलू विवाद के बाद सनसनी

एफएनएन, ऋषिकेश : Rishikesh के आईडीपीएल चौकी क्षेत्र स्थित...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img