राज सक्सैना, किच्छा : जब सैंया भए कोतवाल तो डर काहे का यह कहावत व्यापार मंडल पदाधिकारियों के लिए चरितार्थ है ऐसा इसलिए कह रहे हैं कि नगर क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए प्रशासन जितने हाथ-पांव मार ले परंतु अतिक्रमणकरियो के समर्थन में मैदान में उतरते व्यापार मंडल पदाधिकारियों की शह इस कदर व्यापारियों के हितकर हो जाती है, कि प्रशासन को अनेक मौकों पर कार्यवाही के दौरान व्यापार मंडल पदाधिकारियों के विरोध का सामना करना पड़ता है दूसरी ओर शहर मे अतिक्रमण हौसले भी इसी के चलते हौसले बुलंद हो चुके हैं, की पीडब्ल्यूडी द्वारा चिन्हित निशान को भी ताक पर रखते हुए व्यापारी अपने दुकान का सामान रोड तक ले आते हैं।
ऐसे में आम जनमानस को शहर में लगने वाले जाम से व साप्ताहिक बाजार के दिन सहित त्योहारों के दिनों में होने वाली समस्या से दो चार होना पड़ता है, अब इसे क्षेत्र का दुर्भाग्य कहें या फिर व्यापार मंडल पदाधिकारियों की , हीला हवाली के शहर के बोरिंग गली, गुप्ता मार्केट, सिद्धू गली, महाराणा प्रताप चौक व शास्त्री मार्केट सहित अन्य स्थानों का आलम यह है कि मार्केट की गलियां बाजार के लगने के साथ इतनी तंग हो जाती हैं की पैदल गली से गुजर ना भी आम जनमानस के लिए किसी जंग लड़ने जैसा बन जाता है, ऐसे में प्रशासन कितनी भी सख्ती कर ले परंतु शहर मैं फैलें अतिक्रमण पर व्यापार मंडल के संयुक्त प्रयास के बिना अतिक्रमण को समाप्त करना संभव नहीं है।
बाक्स हेतु
किच्छा। अतिक्रमण को लेकर के प्रशासन समय-समय पर अभियान चलता रहा है वह स्थानीय व्यापारियों व व्यापार मंडल पदाधिकारी के सहयोग से इसे सफल बनाने का प्रयास किया जाएगा।
उपजिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्रा
बाक्स हेतु
किच्छा। व्यापार मंडल द्वारा समय-समय पर व्यापारियों को अनाउंसमेंट सहित अन्य माध्यमों से अतिक्रमण मुक्त बाजार स्थापित करने की अपील की गई है, परंतु कुछ व्यापारियों द्वारा नियमों का उल्लंघन किया जाता है जो कि न्याय संगत नहीं है व्यापार मंडल पदाधिकारी ऐसे व्यापारियों का समर्थन नहीं करता है।
नितिन फुटेला कोषाध्यक्ष व्यापार मंडल किच्छा







