Monday, February 23, 2026
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खामोश रहे मतदाताओं के दिल-दिमाग पर दिखा मोदी का शोर, पीएम की जनसभा का दिखा असर; बड़े अंतर से जीत

एफएनएन, ऊधमसिंह नगर:  पूरे चुनाव में भाजपा ने प्रत्याशी घोषित करने के साथ ही प्रचार में भी बढ़त बनाए रखी। प्रधानमंत्री मोदी की रैली से बड़े अंतर से जीत का कीर्तिमान इस बार भी रचा गया। कांग्रेस को कमजोर संगठन का खामियाजा करारी हार से भुगतना पड़ा।

भाजपा को हमेशा चुनाव के लिए तैयार रहने और मजबूत बूथ मैनेजमेंट की पार्टी के रूप में जाना जाता है। यही वजह रही है कि 2014 में लोकसभा चुनाव से शुरू हुआ भाजपा का जीत का सिलसिला लगातार तीसरी बार भी कायम रहा। भाजपा प्रत्याशी अजय भट्ट की जीत की सबसे बड़ी वजह रुद्रपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली रही। मोदी ने सधे अंदाज में मतदाताओं से भावनात्मक अपील की, वो मतदाताओं के दिलो दिमाग में घर कर गई थी। दूसरी वजह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की 15 से अधिक छोटी बड़ी जनसभाएं रही थी। धामी ने अपने कामों को जनता के बीच रखा था और भाजपा प्रत्याशी के लिए मजबूत माहौल तैयार करने में अहम भूमिका अदा की।

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तीसरी वजह भाजपा का मजबूत बूथ प्रबंधन रहा था। बूथ कमेटियों के साथ ही पार्टी और सभी मोर्चों को कार्यक्रम और मॉनीटरिंग ने अजय भट्ट की राह को आसान बनाने का काम किया। इसके अलावा भाजपा प्रत्याशी अजय भट्ट की छवि के साथ ही सक्रियता भी जीत की कड़ी बनी। पांच साल सांसद रहते वे लोकसभा के हर क्षेत्र में सक्रिय रहे थे और जनता के बीच उनकी पहचान का संकट नहीं था। पार्टी ने रणनीति के तहत विधायक और पूर्व विधायकों को उनके क्षेत्र को संभालने का लक्ष्य दिया था, जो जीत में कारगर बना।

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नया चेहरा, कमजोर संगठन और प्रचार के कम दिन रहे हार की प्रमुख वजह

लगातार तीसरी बार नैनीताल लोकसभा सीट गंवाने वाली कांग्रेस की तमाम गलतियां हार की वजह बनी। हर बार की तरह पार्टी ने प्रत्याशी घोषित करने में देरी की और लोकसभा के लिए प्रकाश जोशी के रूप में एक नए चेहरे को प्रत्याशी बना दिया। बेहद कमजोर संगठन के बूते मैदान में उतरी कांग्रेस को पार्टी का चेहरा जनता तक पहुंचाने में ही मशक्कत करनी पड़ी। रुद्रपुर, किच्छा, गदरपुर सहित अन्य जगहों में नेताओं की आपसी रार ने पार्टी प्रत्याशी के लिए खासी मुश्किलें खड़ी कीं। पूरे चुनाव में कांग्रेस कार्यकर्ताओं में न तो जोश भर सकी और न ही उत्साह जगाने के लिए बड़े राष्ट्रीय नेता की रैली ही करवा सकी। कांग्रेस की यही गलतियां उसके प्रत्याशी के लिए महंगी साबित हुई और भाजपा अपनी धमाकेदार जीत और कांग्रेस को करारी हार देने का सिलसिला जारी रखने में कामयाब रही।

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