Friday, March 13, 2026
03
20x12krishanhospitalrudrapur
IMG-20260201-WA0004
previous arrow
next arrow
Shadow
Homeराज्यउत्तराखंडकोटद्वार पुलिस ने बरेली से दबोची स्मैक तस्करों की महिला सरगना

कोटद्वार पुलिस ने बरेली से दबोची स्मैक तस्करों की महिला सरगना

एफएनएन, देहरादून : कोटद्वार कोतवाली पुलिस ने क्षेत्र में स्मैक की तस्करी करने वाली अंतरराज्यीय महिला सरगना को बरेली से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार महिला मैकिया चाची की बहू है। जिसकी मौत के बाद उनकी तीन बहुएं बरेली में ड्रग्स सप्लाई का धंधा संभाल रही हैं। कोतवाली पुलिस ने मैकिया चाची को वर्ष 2016 में गिरफ्तार किया था।

एएसपी जया बलोनी ने कोतवाली में आयोजित पत्रकार वार्ता में इस मामले का खुलासा किया। बताया कि अब तक की जांच में यह बात सामने आई है कि क्षेत्र में ड्रग्स का सेवन करने ज्यादातर युवा बरेली से ही ड्रग्स लाते हैं और यहां अपना खर्चा चलाने के लिए अन्य युवाओं को भी पुड़िया बेचते हैं। पुलिस ने दबोचे गए नशेड़ियों के मोबाइल नंबर खंगाले तो बरेली की स्मैक सप्लायर बेबी उर्फ चाची का नंबर पुलिस के हाथ लगा।

WhatsApp Image 2023-12-18 at 2.13.14 PM

एसएसपी श्वेता चौबे के निर्देश पर आरोपी महिला की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम गठित की और बरेली से उसे दबोचने के लिए जाल बिछाया। जिसमें टीम को कामयाबी मिली। आरोपी ड्रग्स तस्कर महिला बेबी उर्फ चाची पत्नी दिलीप निवासी गंगापुर थाना बारादई जिला बरेली यूपी से गिरफ्तार किया गया। बताया कि आरोपी महिला के विरूद्ध कोटद्वार कोतवाली में पूर्व में मुकदमा दर्ज है।

गिरफ्तार महिला बेबी भी चाची के नाम से जानी जाती है। वह पूर्व में तस्कर रही मैकिया चाची की बहू है। मैकिया चाची को कोटद्वार पुलिस ने 24 अक्तूबर, 2016 को गिरफ्तार किया था। उसकी मौत के बाद उसकी तीनों बहुएं ड्रग्स का धंधा संभाल रही हैं। गिरफ्तार बेबी उर्फ चाची बरेली से उत्तराखंड व उत्तर प्रदेश में नशा सप्लाई करने में लगातार सक्रिय रही है।

उधर, गिरफ्तार महिला ने कोतवाली में बताया कि उसका पति कैंसर से पीड़ित है और उसके पांच बच्चे हैं। पति के उपचार के साथ ही बेटियों की शादी के लिए पैसा इकट्ठा करने के चक्कर में वह अपनी जेठानी के कहने पर इस धंधे में आई थी। उसके पास कोटद्वार समेत उत्तराखंड और यूपी के कई युवा ड्रग्स लेने आते थे, जिसमें वह प्रतिदिन 500 से अधिक पुड़िया बेचती थी। ड्रग्स खरीदने वालों में अधिकांश कबाड़ का काम करने वाले थे। वह पैडलर से ड्रग्स खरीदकर उसकी पुड़िया बनाकर 120 रुपये प्रति पुड़िया के हिसाब से बेचती थी।

 

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments