एफएनएन, कोटा : kota delhi राजस्थान के कोटा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर शनिवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। सीमलिया थाना क्षेत्र में मध्य प्रदेश से जयपुर की ओर जा रही यात्रियों से भरी एक ट्रैवलर अनियंत्रित होकर पुलिया से करीब 20 फीट नीचे बरसाती नाले में जा गिरी। इस दुर्घटना में आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि 17 अन्य घायल हो गए। घायलों में कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।
पुलिस और प्रशासन की टीमों ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान चलाया। सभी घायलों को एंबुलेंस की मदद से कोटा मेडिकल कॉलेज के नए अस्पताल और एमबीएस अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
तेज रफ्तार के कारण चालक ने खोया नियंत्रण
सीमलिया थाना अधिकारी नंद सिंह के अनुसार, ट्रैवलर कराड़िया टोल प्लाजा पार करने के बाद सुल्तानपुर की ओर बढ़ रही थी। इसी दौरान चालक को नींद की झपकी आने की बात सामने आई है। तेज रफ्तार के चलते वाहन पर नियंत्रण नहीं रह सका और ट्रैवलर सड़क के डिवाइडर को तोड़ते हुए पुलिया से नीचे नाले में जा गिरी।
हादसा इतना भीषण था कि वाहन का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। टक्कर के बाद यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। बताया जा रहा है कि दुर्घटना के समय कई यात्री सो रहे थे, जिससे उन्हें संभलने का मौका नहीं मिला।
पुलिस और बचाव दल ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण और राहगीर मदद के लिए मौके पर पहुंचे। सूचना मिलने के बाद सीमलिया थाना पुलिस, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की रेस्क्यू टीम और 108 एंबुलेंस घटनास्थल पर पहुंचीं।
ट्रैवलर नाले में फंस गई थी, जिससे यात्रियों को बाहर निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिसकर्मियों और बचाव दल ने घायलों को एक-एक कर बाहर निकाला। सुल्तानपुर के ब्लॉक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश सामर के मुताबिक, सूचना मिलते ही ब्लॉक की चार एंबुलेंस मौके पर भेजी गई थीं।
बाद में क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त वाहन को नाले से बाहर निकाला गया। हादसे में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि चार अन्य ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया।
संभागीय आयुक्त और पुलिस अधिकारी अस्पताल पहुंचे
दुर्घटना की सूचना मिलते ही कोटा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक हरेंद्र महावर और कार्यवाहक संभागीय आयुक्त एवं जिला कलेक्टर पीयूष समारिया एमबीएस अस्पताल पहुंचे। अधिकारियों ने घायलों के उपचार की व्यवस्था का जायजा लिया।
जिला प्रशासन के अनुसार, हादसे के बाद अस्पतालों को अलर्ट पर रखा गया था। गंभीर रूप से घायल मरीजों को आईसीयू में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों की टीम को लगातार उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
कोटा ग्रामीण के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राम कल्याण मीणा ने बताया कि ट्रैवलर के साथ यात्रा कर रहे व्यक्ति को भी चोटें आई हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, वाहन में सवार अधिकांश लोग मध्य प्रदेश के भोपाल और बैतूल के आसपास के क्षेत्रों के रहने वाले थे।
बैतूल से खाटूश्यामजी के दर्शन के लिए निकले थे यात्री
जानकारी के मुताबिक, ट्रैवलर में सवार लोग मध्य प्रदेश के बैतूल और आसपास के इलाकों से शुक्रवार रात राजस्थान के सीकर जिले में स्थित खाटूश्यामजी के दर्शन के लिए निकले थे। यात्रा के दौरान कोटा जिले में यह हादसा हो गया।
मृतक और घायल आपस में रिश्तेदार और पारिवारिक मित्र बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद दोनों अस्पतालों में अफरातफरी का माहौल रहा। परिजनों को घटना की जानकारी देने और घायलों के उपचार की व्यवस्था में प्रशासन जुटा रहा।
हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हादसे में जान गंवाने वालों में वैष्णवी, तृषा, अरुणा, कृष्णा, अनीता, ओम सूर्यवंशी, रानू बोड़वे और ट्रैवलर का चालक शामिल हैं। चालक की पहचान की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।
रानू बोड़वे मध्य प्रदेश के भोपाल स्थित राजीव नगर की निवासी बताई गई हैं। अन्य मृतकों के शव कोटा मेडिकल कॉलेज के नए अस्पताल में रखे गए हैं, जबकि रानू बोड़वे का शव एमबीएस अस्पताल में रखा गया है।
घायलों में हेमलता गायकवाड़, अजय, वंशिका, मोनिशा, चित्रेश और सारांश सहित अन्य लोग शामिल हैं। घायलों का इलाज कोटा मेडिकल कॉलेज के नए अस्पताल और एमबीएस अस्पताल में किया जा रहा है।
ओम बिरला ने लिया हादसे का संज्ञान, अशोक गहलोत ने जताया दुख
हादसे की जानकारी मिलने के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी स्थिति का जायजा लिया और प्रशासन को घायलों के लिए बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
वहीं, राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दुर्घटना पर गहरा दुख जताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
उन्होंने कहा कि भोपाल से खाटूश्यामजी जा रही मिनी बस का कोटा जिले के सीमलिया थाना क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त होना बेहद दुखद है। इस मुश्किल समय में मृतकों के परिवारों को संबल मिलने और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की।
सड़क हादसे ने फिर उठाए सुरक्षा पर सवाल
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हुई इस दुर्घटना ने एक बार फिर तेज रफ्तार और लंबी यात्रा के दौरान वाहन चालकों की सतर्कता को लेकर सवाल खड़े किए हैं। शुरुआती जानकारी में चालक को नींद की झपकी आने की बात सामने आई है। हालांकि, हादसे के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल पुलिस और प्रशासन की ओर से घायलों के उपचार तथा दुर्घटना से जुड़े तथ्यों की जांच पर ध्यान दिया जा रहा है।







