एफएनएन, देहरादून : Ankita Bhandari उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर दिल्ली में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। अपनी बेटी को न्याय दिलाने और मामले में कथित VIP की भूमिका की जांच की मांग को लेकर अंकिता भंडारी के माता-पिता नई दिल्ली स्थित इंडिया गेट पर धरने पर बैठे थे। इसी दौरान दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। हालांकि, कुछ घंटों बाद उन्हें रिहा कर दिया गया।
जानकारी के मुताबिक, पुलिस की टीम सुबह करीब 4 बजे धरनास्थल पर पहुंची और अंकिता के माता-पिता को एहतियातन हिरासत में लेकर नजदीकी थाने ले गई। पुलिस का कहना था कि इंडिया गेट राजधानी के संवेदनशील इलाकों में शामिल है, जहां बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन करने की इजाजत नहीं है।
कथित VIP की नियुक्ति को लेकर जताई नाराजगी
अंकिता भंडारी के माता-पिता के धरने की प्रमुख वजह मामले से जुड़े कथित VIP की पूर्वोत्तर के एक राज्य में राज्यपाल पद पर नियुक्ति को लेकर उठ रहे सवाल बताए जा रहे हैं। परिवार की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच पूरी होने से पहले ऐसी नियुक्ति नहीं होनी चाहिए।
परिवार लगातार यह मांग उठा रहा है कि अंकिता को न्याय मिले और हत्याकांड से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जाए। कथित VIP की भूमिका को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। हालांकि, इस मामले में किसी व्यक्ति की संलिप्तता को जांच और आधिकारिक तथ्यों के आधार पर ही स्थापित किया जा सकता है।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने की मुलाकात
अंकिता के माता-पिता के इंडिया गेट पर धरना देने की जानकारी मिलने के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी समेत अन्य नेताओं ने उनसे मुलाकात की। इस घटनाक्रम के बाद अंकिता भंडारी हत्याकांड एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है।
परिवार की मांग है कि मामले की जांच में कथित VIP की भूमिका समेत सभी पहलुओं को स्पष्ट किया जाए, ताकि उन्हें न्याय मिल सके।
क्या है अंकिता भंडारी हत्याकांड?
अंकिता भंडारी पौड़ी जिले के डोभ श्रीकोट गांव की रहने वाली थीं। साल 2022 में ऋषिकेश के पास स्थित वनंत्रा रिजॉर्ट में काम करने वाली अंकिता की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और उसके दो सहयोगियों सौरभ भास्कर तथा अंकित को गिरफ्तार किया गया था।
जांच के अनुसार, अंकिता की हत्या कर उनके शव को चीला बैराज क्षेत्र में फेंक दिया गया था। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। तीनों आरोपी इसके बाद से जेल में हैं।
VIP एंगल की जांच के लिए CBI को सौंपी गई जांच
हत्याकांड की शुरुआत से ही मामले में एक कथित VIP की भूमिका को लेकर चर्चाएं होती रही हैं। इस मुद्दे पर अंकिता के परिवार और विभिन्न राजनीतिक पक्षों की ओर से सवाल उठाए जाते रहे हैं।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले में CBI जांच की सिफारिश की थी। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, जांच में कथित VIP की भूमिका समेत संबंधित पहलुओं को शामिल किए जाने की बात कही गई थी। परिवार को उम्मीद है कि जांच के जरिए मामले से जुड़े अनुत्तरित सवालों के जवाब सामने आएंगे।
न्याय की मांग को लेकर जारी है परिवार की लड़ाई
अंकिता भंडारी के माता-पिता अपनी बेटी को न्याय दिलाने और मामले के सभी पहलुओं को सामने लाने की मांग कर रहे हैं। इंडिया गेट पर हुए धरने और पुलिस की कार्रवाई के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में है। अब आगे की जांच और आधिकारिक खुलासों पर नजर रहेगी, जिससे कथित VIP की भूमिका को लेकर उठ रहे सवालों की स्थिति स्पष्ट हो सके।







