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AAP के गढ़ में भाजपा ने कैसे लगाई सेंध, जिन विधानसभा क्षेत्रों को पार्टी मान रही थी अपना गढ़, वहां चुपचाप हो गया ‘खेला’

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एफएनएन, दक्षिणी दिल्ली:  दक्षिणी दिल्ली लोकसभा सीट को भाजपा का गढ़ माना जाता रहा है। यहां पर अब तक हुए 16 चुनावों में 10 बार भाजपा ने जीत का स्वाद चखा है। इस बार आप और कांग्रेस का गठबंधन होने की वजह से मुकाबला कड़ा हो गया था। चूंकि 10 विधानसभा क्षेत्रों वाली इस सीट पर नौ सीटों पर आप का कब्जा है।

सिर्फ बदरपुर विधानसभा क्षेत्र ही भाजपा के खाते में हैं। यहां से विधायक रामवीर सिंह विधूड़ी भाजपा की तरफ से चुनावी मैदान में थे। यदि चुनाव परिणाम पर गौर करें तो भाजपा ने इस संसदीय क्षेत्र में उन विधानसभा क्षेत्रों में सेंधमारी कर दी, जिन्हें गठबंधन अपना गढ़ मान रहा था।

इन क्षेत्रों से नहीं मिली खास बढ़त

तुगलकाबाद, देवली, अंबेडक नगर और संगम विहार में भाजपा प्रत्याशी रामवीर सिंह विधूड़ी ज्यादा वोटों के अंतर से पीछे नहीं रहे, बल्कि उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र बदरपुर से 22,220 वोटों की मजबूत बढ़त ली और गठबंधन प्रत्याशी अपने विधानसभा क्षेत्र तुगलकाबाद में भाजपा को ज्यादा अंतर से पीछे नहीं कर पाए। वे 5,128 वोट की ही बढ़त बना सके।

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आम आदमी पार्टी तुगलकाबाद, देवली, अंबेडकर नगर और संगम विहार को अपना गढ़ मानकर चल रही थी। इन चारों विधानसभा क्षेत्र से गठबंधन को उम्मीद थी कि यहां से बड़ी संख्या में गठबंधन प्रत्याशी को बढ़त मिलेगी, लेकिन चुनाव परिणाम को देखें तो यहां पर गठबंधन की कोई ताकत नहीं दिखी। यहां पर भाजपा बहुत कम अंतर से पीछे रही।

यहां पर भी भाजपा ने अपनी सेंधमारी कर दी। यहां पर गठबंधन अपने वोटर को साध नहीं सका। यही भाजपा की जीत का सबसे बड़ा कारण बना।
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आप के गढ़ अंबेडकर नगर में गठबंधन को मात्र 804 की बढ़त: स्थिति यह रही कि अंबेडकर नगर विधानसभा में गठबंधन प्रत्याशी को मात्र 804 वोटों की बढ़त मिली। इसे गठबंधन की तरफ से सात से आठ हजार माना जा रहा था।

देवली में भाजपा ने हासिल की बढ़त

संगम विहार विधानसभा को लेकर गठबंधन निश्चिंत था कि यहां पर वह भारी संख्या में बढ़त हासिल करेंगे और चुनाव परिणाम तय हो जाएग। यहां से भी गठबंधन को 1836 की मामूली बढ़त मिली। देवली विधानसभा क्षेत्र में भी भाजपा ने 2320 वोट की बढ़त हासिल की। यहां भाजपा को 73833 और गठबंधन को 71513 वोट मिले।

अपने गढ़ में बढ़त पर रही भाजपा बिजवासन, बदरपुर, पालम, महरौली, छतरपुर, कालकाजी विधानसभा सीट को भाजपा का गढ़ माना जाता रहा है। इसी के अनुरूप इन विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा ने अपनी बढ़ती हासिल की।

भाजपा ने जाट बहुल विधानसभा क्षेत्र बिजवासन में 25,076, पालम में 11, 829, महरौली में 11, 829 और कालकाजी में 12,149 से बढ़त हासिल की। मतगणना के शुरुआती दौर में गठबंधन प्रत्याशी सहीराम 3117 वोट से आगे चल रहे थे। इसके बाद रामवीर सिंह विधूड़ी आगे हो गए। फिर वह एक बार भी गठबंधन प्रत्याशी से पीछे नहीं हुए।

यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यों की जीत है। दिल्ली की सातों सीट भाजपा जीती है। यह मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की करारी हार हुई है, उनको नैतिकता के आधार पर अब अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।-रामवीर सिंह विधूड़ी, दक्षिणी दिल्ली सीट से भाजपा के विजेता

AAP पर भ्रष्टाचार के आरोप पड़े भारी, नहीं चला भावनाओं का खेल

इस सीट पर भाजपा की जीत का अंतर भले ही कम हुआ हो, लेकिन सीएम केजरीवाल के जेल जाने की सहानुभूति परिणाम पर ज्यादा असर नहीं डाल पाई। यहां पर वोटर ने मुफ्त बिजली, पानी व महिलाओं की फ्री बस यात्रा को ज्यादा तवज्जो नहीं दी, जबकि गठबंधन इन्हीं मुद्दों पर चुनाव लड़ रही थी और भाजपा प्रत्याशी ने केंद्र सरकार की योजनाओं का लोगों के बीच खूब प्रचार किया।– गठबंधन प्रत्याशी सहीराम पहलवान

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