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पैरों में सूजन को न करें नजरअंदाज, हार्ट से लेकर लिवर की बीमारी से है कनेक्शन, जानें डॉक्टर की सलाह

एफएनएन, देहरादून: कई बार हम छोटी-छोटी बातों को नजरअंदाज कर देते हैं, जो बाद में हमारे लिए बहुत घातक साबित होती हैं. ऐसा ही मामला है पैरों की सूजन का. हार्टबीट कम होने या हार्ट की फंक्शनिंग में कमी के कारण भी पैरों में सूजन हो सकती है. उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. अमर उपाध्याय ने लोकल18 को जानकारी देते हुए बताया कि पैरों में सूजन कोई बीमारी नहीं है, बल्कि एक लक्षण है. जो किसी बीमारी का संकेत हो सकती है.

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उन्होंने कहा कि किडनी या हार्ट से जुड़ी किसी भी बीमारी से इसका कनेक्शन हो सकता है. अगर बात करें हृदय की करें, तो हार्ट फेल होने का एक लक्षण पैरों में सूजन आना भी है. इसके अलावा लिवर की बीमारी के चलते भी पैरों में सूजन आ सकती है, वहीं पैरों की नसों की अक्षमता से भी पैर सूज सकते हैं. उन्होंने कहा कि पैरों की सूजन को नजरअंदाज बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह किसी बड़ी बीमारी का संकेत भी हो सकती है.

खतरनाक हो सकती है पैरों में सूजन

डॉ. अमर उपाध्याय बताते हैं कि आमतौर पर कुछ लोगों को दिन में पैरों में सूजन होती है, लेकिन रात को आराम करने पर सूजन उतर जाती है. सोने पर भी अगर सूजन कम ना हो और चलने-फिरने में दिक्कत हो या फिर पैरों में अल्सर बनने लगें, तो डॉक्टर से जरूर मिलें. बीमारी का पता लगाएं और इलाज करवाएं.

हार्ट फेल होने के शुरुआती लक्षण

डॉ. अमर उपाध्याय बताते हैं कि हार्ट फेलियर का अर्थ है दिल का ठीक से काम न कर पाना. इसका शुरुआती लक्षण है सांस फूलना. उन्होंने बताया कि इसकी वजह से फेफड़ों में ब्लड जमा हो सकता है, जिससे सांस फूल सकती है. इसके बाद पैरों में सूजन आ जाती है और पेट फूलता है. सूजन बढ़ती जाती है. उन्होंने बताया कि हमारे हृदय का काम है, शरीर के प्रत्येक अंग को खून पहुंचना. हार्ट फेल होने की स्थिति में वह ऐसा नहीं कर पाता है. कभी-कभी हार्ट का फंक्शन ठीक रहता है, फिर भी हार्ट फेल हो जाता है. दिल की जांच में कारण का पता लगने के बाद उसका मूल्यांकन किया जाता है. कुछ मरीजों को जीवनभर दवाइयां के सहारे जीना पड़ता है, तो कुछ लोगों को बचाया नहीं जा सकता.

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