
एफएनएन, नैनीताल : उत्तराखंड हाईकोर्ट नैनीताल के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गुहानाथन नरेंद्र 9 जनवरी 2026 को अपने पद से सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं. हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल योगेश कुमार गुप्ता द्वारा जारी आधिकारिक नोटिस के अनुसार, मुख्य न्यायाधीश के सम्मान में विदाई समारोह का आयोजन किया जाएगा. इस संबंध में प्रशासनिक स्तर पर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं.
उत्तराखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस जी नरेंद्र कल होंगे रिटायर : बताया गया है कि मुख्य न्यायाधीश को सम्मानजनक विदाई देने के लिए शुक्रवार 9 जनवरी, 2026 को अपराह्न 03:30 बजे मुख्य न्यायाधीश के कोर्ट कक्ष में ‘फुल कोर्ट फेयरवेल रेफरेंस’ का आयोजन किया जाएगा. इस कार्यक्रम में हाईकोर्ट के सभी न्यायाधीश, बार काउंसिल और बार एसोसिएशन के पदाधिकारी और वरिष्ठ अधिवक्ता शामिल होंगे. ये लोग न्यायमूर्ति जी नरेंद्र के कार्यकाल और उनके योगदान को याद करेंगे.
शुक्रवार को होगा ‘फुल कोर्ट फेयरवेल रेफरेंस’: नैनीताल हाईकोर्ट प्रशासन ने इस विदाई समारोह की सूचना एडवोकेट जनरल, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष, सभी जिला न्यायाधीशों और संबंधित विभाग के उच्चाधिकारियों को भेज दी है. नोटिस में सुरक्षा व्यवस्था, प्रोटोकॉल और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं.
आज हाईकोर्ट बार एसोसिएशन सभागार पहुंचेंगे हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस: इधर मुख्य न्यायाधीश सेवानिवृत्ति से पूर्व आज गुरुवार 8 जनवरी 2025 को अपरान्ह 1.15 बजे हाईकोर्ट बार एसोसिएशन सभागार में पहुंचेंगे. हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डीसीएस रावत और महासचिव सौरभ अधिकारी ने समस्त अधिवक्ताओं से मुख्य न्यायाधीश के सम्मान में मौजूद रहने की अपील की है.
उत्तराखंड हाईकोर्ट नैनीताल की साइट पर चीफ जस्टिस न्यायमूर्ति गुरानाथन नरेंद्र के बाद में जो जानकारी दी गई है, वो इस प्रकार है-
उत्तराखंड हाईकोर्ट नैनीताल के चीफ जस्टिस जी नरेंद्र
- इनका जन्म 10 जनवरी, 1964 को हुआ
- वर्ष 1982-83 में एनसीसी के सर्वश्रेष्ठ कैडेट के रूप में सम्मानित हुए
- वर्ष 1982-83 में जूडो राज्य चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक विजेता बने
- कला स्नातक और एलएलबी (Bachelor of Legislative Law) में स्नातक की उपाधि प्राप्त की
- 23 अगस्त, 1989 को तमिलनाडु बार काउंसिल में एक वकील के रूप में नामांकित हुए
- 1989 से 1992 तक मद्रास हाईकोर्ट में वकालत शुरू की
- वर्ष 1993 में नाम कर्नाटक राज्य बार काउंसिल के रोल में स्थानांतरित हुए
विशेषज्ञता के क्षेत्र
- संवैधानिक, सिविल, कराधान (सीमा शुल्क), खनन कानून, पर्यावरण और वन मामले, मध्यस्थता मामले
- कर्नाटक राज्य बार काउंसिल के सह-चयनित सदस्य के रूप में कार्य किया
- 2 जनवरी, 2015 को कर्नाटक उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश और 30.12.2017 को स्थायी न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किए गए
- आंध्र प्रदेश के उच्च न्यायालय में स्थानांतरित हुए और 30.10.2023 को कार्यभार संभाला
- उत्तराखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त हुए और 26.12.2024 को कार्यभार संभाला
- उत्तराखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के पद से 9 जनवरी 2026 को रिटायर हो रहे हैं
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने की है जस्टिस मनोज कुमार गुप्ता के नाम की सिफारिश: गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 18 दिसंबर 2025 को केंद्र से देश भर के अलग-अलग हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के तौर पर पांच जजों को प्रमोट करने की सिफारिश की थी. चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अगुवाई वाले कॉलेजियम ने बैठक में यह फैसला लिया था. सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस मनोज कुमार गुप्ता को 9 जनवरी 2026 को उत्तराखंड हाईकोर्ट के मौजूदा चीफ जस्टिस के रिटायरमेंट के बाद उत्तराखंड हाईकोर्ट के लिए प्रमोट किया था.

इन राज्यों को भी मिलेंगे नए चीफ जस्टिस: इनके साथ ही बॉम्बे हाईकोर्ट की जस्टिस रेवती पी मोहिते डेरे को मेघालय हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के तौर पर नियुक्ति की सिफारिश की गई थी. वहीं, बॉम्बे के जस्टिस एमएस सोनक को 8 जनवरी को मौजूदा चीफ जस्टिस के रिटायरमेंट के बाद झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के तौर पर नियुक्ति की सिफारिश की गई थी.
इसके साथ ही केरल हाईकोर्ट के जस्टिस ए मुहम्मद मुश्ताक को सिक्किम और जस्टिस संगम कुमार साहू को उड़ीसा से पटना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के तौर पर प्रमोट किया गया था. एक अन्य फैसले में, कॉलेजियम ने मेघालय हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस जस्टिस सौमेन सेन को 9 जनवरी को मौजूदा चीफ जस्टिस के रिटायरमेंट के बाद केरल हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के तौर पर ट्रांसफर करने की सिफारिश की थी.





