03
Gemini_Generated_Image_yb399pyb399pyb39
WhatsApp Image 2026-08-14 at 9.45.28 AM
previous arrow
next arrow
Shadow

चारधाम यात्रा : यात्रा की शुरूआत में यमुनोत्री धाम का स्लॉट फुल, पड़ावों पर नहीं है जरूरी सुविधाएं

Spread the love

एफएनएन, उत्तरकाशी : चारधाम यात्रा का ऑनलाइन पंजीकरण हो रहा है। परंतु यात्रा के शुरूआती दिनों में यमुनोत्री धाम का स्लॉट फुल दिखा रहा है। जिससे होटल व्यवसायियों में सिस्टम के विरुद्ध आक्रोश बढ़ रहा है। होटल व्यवसायी चारधाम यात्रा के ऑनलाइन पंजीकरण में तीर्थ यात्रियों की संख्या की बाध्यता को समाप्त करने की मांग कर रहे हैं।

ऋषिकेश से जब तीर्थ यात्री गंगोत्री के लिए आता है तो चिन्यालीसौड़ के पास तीर्थ यात्रियों के पंजीकरण की जांच होती है। परंतु इस जांच केंद्र के पास सार्वजनिक शौचालय नहीं है। जिन पड़ावों पर सार्वजनिक शौचालय हैं, वहां बदहाल स्थिति में हैं। स्वच्छता के साथ इन शौचालयों पर पानी की सुविधा तक नहीं है, जिससे इनमें गंदगी की भरमार रहती है। इसके अलावा अधिकांश ऐसे पड़ाव हैं। जहां शौचालय सुविधा नहीं हैं। पानी की सुविधा न होने के कारण अस्थाई शौचालय भी उपयोग में नहीं आते हैं।

खाने की गुणवत्ता और मूल्य पर नहीं लगाम

चारधाम यात्रा के दौरान कई पड़ाव में तीर्थयात्रियों को अच्छी गुणवत्ता का भोजन न देना और अधिक मूल्य वसूलने की शिकायत भी मिलती है। परंतु इसके लिए कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं है। उत्तरकाशी में खानपान की व्यवस्था औसतन सही है। परंतु चारधाम यात्रा के दौरान यात्रा पड़ाव पर खाने के रेट दो से तीन गुने तक बढ़ जाते हैं।

स्वच्छ पेयजल की नहीं है सही व्यवस्था

गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर पर्याप्त स्वच्छ पेयजल की सुविधा नहीं है। कुछ स्थानों पर हैंडपंप, वाटर एटीएम व आरओ लगाए गए हैं। जो रखरखाव के अभाव में क्षतिग्रस्त हैं। यात्रा मार्ग प्रमुख पड़ाव चिन्यालीसौड़, धरासू, डुंडा, बंदरकोट, उत्तरकाशी, जोशियाड़ा, नेताला, भटवाड़ी, सुक्की, झाला, हर्षिल में स्वच्छ पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं है। ऐसे में तीर्थ यात्रियों को यात्रा मार्ग पर पड़ने वाले नदी नालों से पानी भरना पड़ता है, या फिर बोतल बंद पानी ही खरीदना पड़ता है। उत्तरकाशी शहर में पेयजल के लिए कुछ स्थानों पर छोटी-छोटी टंकी और आरओ लगाए हैं। उनकी स्थिति, बदहाल है।

चारधाम यात्रा मार्ग पर सबसे बड़ी समस्या पार्किंग को लेकर है, जो यात्राकाल में विकट रूप ले लेती है। डुंडा, नेताला, भटवाड़ी,गंगनानी, सुक्की, झाला, जसपुर में पार्किंग व्यवस्था नहीं है। जोशियाड़ा में जलविद्युत निगम के मैदान और उत्तरकाशी में रामलीला मैदान अस्थाई तौर पर की व्यवस्था की जाती है। उत्तरकाशी बस अड्डे के निकट और हीना पार्किंग निर्माणाधीन है।

यमुनोत्री धाम को जोड़ने वाले पैदल मार्ग पर असुविधाओं का पहाड़ खड़ा है। पांच किलोमीटर लंबे इस पैदल मार्ग जानकी चट्टी से लेकर यमुनोत्री धाम तक सुमुचित सुविधाएं नहीं हैं। इस पैदल मार्ग पर तीर्थयात्रियों के सुस्ताने के लिए सही और सुरक्षित विश्राम स्थल नहीं हैं। शौचालय और पेयजल की तो बदहाल व्यवस्था है।

यमुनोत्री धाम में ठहरने के लिए नहीं हैं होटल व विश्राम गृह

उत्तराखंड के चारधाम में यमुनोत्री धाम एक ऐसा धाम है। जहां धाम के निकट ठहरने के लिए होटल और विश्राम गृह की सुविधा नहीं है। तीर्थयात्रियों को हर हाल में दर्शन कर वापस जानकीचट्टी लौटना होता है।

स्वच्छ पेयजल के नहीं है ठोस इंतजाम

यमुनोत्री धाम की पैदल यात्रा जानकी चट्टी से शुरू होती है। जानकी चट्टी के पास स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था नहीं है। राममंदिर के निकट पहली चढ़ाई के पास गेल की ओर से स्वच्छ पेयजल के लिए आरओ सिस्टम लगाया गया था। परंतु यह एक वर्ष भी नहीं चल पाया। यह पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। राममंदिर, वन विभाग बाइपास मार्ग, भैरव मंदिर के पास भी स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था नहीं की गई है। कुछ स्थानों पर छोटी-छोटी टंकी बनाई गई हैं, उनका संचालन भी सुचारू नहीं रहता है।

सार्वजनिक शौचालय की नहीं सही व्यवस्था

यमुनोत्री के पूरे यात्रा मार्ग से लेकर जानकी चट्टी तक सार्वजनिक शौचालय व मौजूद शौचालय में स्वच्छता की सही व्यवस्था नहीं है। जानकी चट्टी यमुनोत्री धाम तक की दूरी करीब पांच किलोमीटर है। परंतु जानकी चट्टी के पास शौचालय की सही व्यवस्था नहीं है। इस पैदल मार्ग पर केवल दिखाने के लिए अस्थाई शौचालय बनाए गए हैं। इन शौचालयों में साफ सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है। पानी के संयोजन न होने से गंदगी की भरमार रहती है। चारधाम यात्रा सीजन में गंदगी के कारण एक भी शौचालय उपयोग के लायक नहीं होता है।

चारधाम यात्रा के दौरान स्वास्थ्य व्यवस्था पटरी से उतर जाती है। जिला अस्पताल से लेकर, सीएचसी व पीएचसी में चिकित्सकों की कमी और अधिक बढ़ जाती है। यमुनोत्री धाम को जोड़ने वाले सड़क मार्ग और पैदल मार्ग पर स्वास्थ्य की समुचित व्यवस्था नहीं है। यमुनोत्री धाम में अस्पताल की सुविधा और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों व चिकित्सकों के रहने की उचित व्यवस्था नहीं है।

गंगोत्री धाम की यात्रा में तीर्थयात्रियों को सुगम और सुरक्षित यात्रा करवाने की चुनौती पुलिस प्रशासन के सामने यमुनोत्री यात्रा मार्ग से कम नहीं हैं। यहां भूस्खलन जोन, अधिकांश स्थानों पर संकरा मार्ग तीर्थयात्रियों के साथ पुलिस के लिए भी चुनौती बन सकता है।

पुलिस इस यात्रा में बेहतर व्यवस्था देने की बात तो कर रही है। परंतु वर्तमान में सड़क व अन्य संसाधनों की स्थिति से यह उम्मीद कम ही लग रही है। इसके साथ ही पुलिस के पास जरूरी संसाधन और मेन पावर की कमी भी आड़े आ सकती है।

Hot this week

Nepal में भूस्खलन से बनी झील ने बढ़ाई चिंता, काली नदी चेतावनी स्तर के बेहद करीब

एफएनएन, पिथौरागढ़ : Nepal के दार्चुला जिले के भट्टार...

Rudrapur में यूथ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, खड़गे ‘शुद्धिकरण’ मामले में FIR की मांग

एफएनएन, रुद्रपुर : Rudrapur में शनिवार को यूथ कांग्रेस ने...

Topics

Kerala में दर्दनाक सड़क हादसा, तमिलनाडु के 8 इंजीनियरिंग छात्रों की मौत

एफएनएन, त्रिशूर : Kerala के त्रिशूर जिले में शुक्रवार देर...

kedarnath हेली सेवा 15 सितंबर से होगी शुरू, 7 सितंबर से IRCTC पर टिकट बुकिंग

एफएनएन, देहरादून : चारधाम यात्रा के दूसरे चरण को...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img