एफएनएन, चमोली : तपोवन विष्णुगाड़ जल विद्युत परियोजना की टनल की सफाई के दौरान एक और शव बरामद हुआ है। शव की पहचान एनटीपीसी की कार्यदाई संस्था रित्विक कंपनी के इंजीनियर ऋषिकेश निवासी गौरव के रूप में हुई है।
- सात फरवरी 2021 को आई थी जल प्रलय
गौरतलब है कि सात फरवरी 2021 को ऋषिगंगा में आए जल प्रलय के चलते रैंणी तपोवन क्षेत्र में व्यापक नुकसान के साथ ही जनहानि हुई थी। इस आपदा में कुल 206 व्यक्तियों ने अपनी जान गंवाई। आपदा में अभी तक 136 शव बरामद हुए हैं।
- जनवरी माह में भी टनल से बरामद हुए थे दो शव
इन दिनों एनटीपीसी द्वारा आपदा के दौरान टनल में भरे मलबे को साफ किया जा रहा है। जिसके बाद यहां शवों के मिलने का सिलसिला जारी है। जनवरी माह में भी टनल से दो शव बरामद हुए थे। स्थानीय पुलिस ने टनल में मिले शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम किया जा रहा है।
- आपदा में 206 लोग मलबे में हो गए थे दफन
सात फरवरी 2021 की सुबह रैणी में ऋषिगंगा में आई आपदा ने उत्तराखंड ही नहीं, पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। आपदा में 206 लोग मलबे में दफन हो गए थे। 13 मेगावाट की ऋषिगंगा जलविद्युत परियोजना का नामोनिशान तक मिट गया था। जबकि, सरकार ने 206 को मृत्यु प्रमाण पत्र देने के साथ आश्रितों को मुआवजा भी दिया।
- रैंणी गांव में हो रहा है भूकटाव
आपदा के बाद से लगातार रैंणी गांव में भूकटाव हो रहा है। यहां तक कि चीन सीमा को जोड़ने वाला जोशीमठ-मलारी हाईवे भी लगातार धस रहा है, जिस कारण ग्रामीण परेशान हैं। धौलीगंगा पर चार पैदल पुल बहने के बाद आज तक उनका निर्माण नहीं हो पाया है। ग्रामीणों के लिए लगाई गई ट्राली भी परेशानी का सबब बनी हुई है। मलारी हाईवे पर रैणी में आज भी वैली ब्रिज से ही आवाजाही हो रही है।







