Monday, March 16, 2026
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अग्निवीर योजना के विरोध में शामिल युवाओं पर दर्ज मुकदमे होंगे वापस, सीएम धामी ने किया एलान

एफएनएन, देहरादून : अग्निवीर योजना के विरोध प्रदर्शन में शामिल रहे उन युवाओं को सरकार बड़ी राहत देने जा रही है, जो विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं अथवा स्कूल-कॉलेजों में अध्ययनरत हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वतंत्रता दिवस पर इन युवाओं और विद्यार्थियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की घोषणा की।

सीएम धामी ने आमजन को वर्षभर भवन निर्माण सामग्री ऑनलाइन बुकिंग के माध्यम से पहुंचाने के दृष्टिगत खनिज प्रसंस्करण पोर्टल बनाने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि इससे जहां उपखनिज की कालाबाजारी पर अंकुश लगेगा, वहीं आमजन को सस्ती दर पर यह आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे।

  • मुख्यमंत्री जच्चा-बच्चा सुरक्षा योजना होगी प्रारंभ

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए, विशेषकर महिलाओं एवं युवाओं से संबंधित कई घोषणाएं की। उन्होंने कहा कि दुर्गम क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा के लिए मुख्यमंत्री जच्चा-बच्चा सुरक्षा योजना प्रारंभ की जाएगी। राजकीय विद्यालयों में कक्षा एक से 12वीं तक के विद्यार्थियों को पुस्तकें हिंदी तथा अंग्रेजी, दोनों माध्यम में निशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी।

इस दौरान सीएम धामी ने कहा कि राज्य के प्रमुख चौराहों और सड़कों का नामकरण स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, बलिदानियों, साहित्यकारों और महान विभूतियों के नाम पर किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य में एकल, निराश्रित, परित्यक्ता एवं विधवा महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना शुरू की जाएगी।

  • मॉडल सिटी के रूप में किया जाएगा विकसित

मुख्यमंत्री पर्वतीय नगर विकास योजना के अंतर्गत दोनों मंडलों गढ़वाल व कुमाऊं में एक-एक शहर को मॉडल सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा। श्रमिक वर्ग के बच्चों के लिए उचित शिक्षा एवं संतुलित पोषण सुनिश्चित करने को मोबाइल स्कूल और मोबाइल आंगनबाड़ी केंद्रों की संख्या में वृद्धि की जाएगी। देहरादून जिले के विकासनगर क्षेत्र में यमुना किनारे स्थित प्राचीन नगर हरिपुर को उसका ऐतिहासिक और पौराणिक स्वरूप दिलाने को विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

  • शिक्षा का बढ़ाया जाएगा क्षेत्र

राज्य में जनजातीय संस्कृति के संवर्द्धन को शीघ्र ही राष्ट्रीय जनजातीय सांस्कृतिक प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। सीमांत गांवों के जनजातीय इलाकों में एकलव्य स्कूलों की संख्या में वृद्धि करने के लिए केंद्र सरकार से अनुरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एक से अधिक प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल हुए प्रतिभागियों के कारण रिक्त हुए पदों पर प्रतीक्षा सूची के आधार पर नियुक्ति प्रदान की जाएंगी। प्रदेश में कुटीर उद्योगों तथा स्वरोजगार को बढ़ावा देने और इनके उत्पादों की बिक्री को यूनिटी माल की स्थापना की जाएगी।

 

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