
-
भाजपा महिला मोर्चा की मंडल अध्यक्ष ममता त्रिपाठी ने दी थी कोतवाली में तहरीर
-
उत्तराखंड के देवी-देवताओं और महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी करने का है आरोप
-
खटीमा और सितारगंज में भी एफआईआर दर्ज
एफएनएन, रुद्रपुर : हल्द्वानी की रहने वाली सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर ज्योति अधिकारी बुरी फंस गई हैं। हल्द्वानी के मुखानी थाने में एफआईआर और गिरफ्तारी के बाद अब रुद्रपुर कोतवाली में भी उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। यह मुकदमा भाजपा महिला मोर्चे की दक्षिणी मंडल की अध्यक्ष ममता त्रिपाठी ने कराया है। वहीं खटीमा और सितारगंज में भी उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इन मुकदमों में भी ज्योति अधिकारी की गिरफ्तारी का खतरा मंडराने लगा है।
अपने तीखे अंदाज के लिए मशहूर ज्योति अधिकारी का अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर प्रदर्शन में दराती लेकर हल्द्वानी के बुद्ध पार्क में आना और पहाड़ की महिलाओं और देवी-देवताओं पर अभद्र टिप्पणी के मामले में पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है। प्रदर्शन के करीब 15 दिन बाद उनके खिलाफ बुधवार रात हल्द्वानी के मुखानी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसमे कल गुरुवार को पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था और 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था। इससे पहले ज्योति का कहना था कि उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने वाली एक महिला ही है जो नेताइन बनने की कोशिश कर रही है। ज्योति ने कहा कि अगर जिगरा है तो आ जा सामने। उन्होंने कहा कि डरना नहीं है, डराने की फुल कोशिश की जा रही है, पुलिस को केस का रुख कहीं ओर मोड़ना है तो उनका निशाना बनाया जा रहा है। ऐसे में उन्हें चाहें कोर्ट ले जाएं या कचहरी, इंसाफ की लड़ाई न रुकी है और न रुकेगी। यह भी कहा कि मर भी जाऊंगी पर पीछे नहीं हटूंगी।
आपको बता दें कि ज्योति अधिकारी हल्द्वानी के हरिपुर लालमणि की रहने वाली है और उनके पति का नाम गोपाल सिंह अधिकारी है। फेसबुक पर उनके ढाई लाख और इंस्टाग्राम पर एक लाख से भी ज्यादा फॉलोअर हैं।
अब ममता त्रिपाठी के मुकदमा दर्ज कराने के बाद यह माना जा रहा है कि ज्योति अधिकारी पर उधम सिंह नगर पुलिस का शिकंजा भी कस सकता है। ममता त्रिपाठी का कहना है कि ज्योति अधिकारी ने खुलेआम पब्लिक प्लेस पर दराती लहराते हुए उत्तराखंड की संस्कृति और देवी- देवताओं का घोर अपमान किया है, इसके साथ ही कुमाऊं की महिलाओं का भी अपमान किया गया है, इससे वह आहत हैं।





