Thursday, March 5, 2026
03
20x12krishanhospitalrudrapur
IMG-20260201-WA0004
previous arrow
next arrow
Shadow
Homeराज्यउत्तराखंडलोक संगीत जगत को बड़ा झटका: सड़क हादसे में रिंकू राणा का...

लोक संगीत जगत को बड़ा झटका: सड़क हादसे में रिंकू राणा का निधन

एफएनएन, नानकमत्ता : उत्तराखंड की मशहूर जनजाति लोक गायिका रिंकू राणा का सड़क दुर्घटना में निधन हो गया। उनके निधन की खबर फैलते ही क्षेत्र में शोक की लहर छा गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल अवस्था में लोक गायिका को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

ग्राम कल्याणपुर नोगजा निवासी लोक गायिका रिंकू राणा पत्नी महेश राणा अपनी भतीजी जिया राणा के साथ किसी कार्य से सिसौना, सितारगंज गई थीं। घर लौटते समय नानकमत्ता क्षेत्र के बिछपुरी के पास उनकी स्कूटी की टक्कर ट्रैक्टर-ट्राली से हो गई। हादसे में गंभीर रूप से घायल रिंकू राणा को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

घटना की सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। लोक गायिका के निधन की खबर मिलते ही जनजाति समाज में शोक की लहर फैल गई। उनके प्रशंसक अस्पताल और उनके घर पहुंचने लगे। बताया जा रहा है कि रिंकू राणा का एक बेटा है और उनके निधन से परिवार में मातम छा गया है।

इधर लोक गायिका के निधन पर विधायक गोपाल सिंह राणा, पूर्व विधायक डा. प्रेम सिंह राणा, हरिओम राणा, अशोक राणा, पूर्व ब्लॉक प्रमुख भुवन सिंह राणा, पूर्व ब्लॉक प्रमुख दान सिंह राणा, ग्राम प्रधान रामनरेश राणा, जिला पंचायत सदस्य मंजू राणा, मुकेश राणा, रंजीत राणा, जितेंद्र राणा और नरेंद्र राणा सहित कई लोगों ने गहरा शोक व्यक्त किया है।

अपनी मधुर आवाज से बनाई अलग पहचान

नानकमत्ता : थारू जनजाति समाज में रिंकू राणा अपनी मधुर आवाज के लिए जानी जाती थीं। खासकर होली पर्व पर उनके गीतों से कार्यक्रमों में अलग ही रंग जम जाता था। हाल ही में होली मिलन कार्यक्रमों में उन्होंने कई स्थानों पर अपनी प्रस्तुति दी थी। उनके असमय निधन से जनजाति समाज को बड़ी क्षति हुई है।

एक दिन पहले ही लॉन्च किया था नया सॉन्ग

बताया जा रहा है कि लोक गायिका रिंकू राणा ने दुर्घटना से एक दिन पहले ही अपना नया सॉन्ग लॉन्च किया था, जिसे एक ही दिन में करीब 400 लाइक मिल चुके थे। खटीमा, नानकमत्ता और सितारगंज के साथ-साथ उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के कई क्षेत्रों में उनकी पहचान थी। होली पर्व और जागरण कार्यक्रमों में उन्हें विशेष रूप से गाने के लिए आमंत्रित किया जाता था। उनके निधन के बाद प्रशंसक उनके नए सॉन्ग को और अधिक देख रहे हैं।

 

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments