एफएनएन, नई दिल्ली : आम आदमी पार्टी (AAP) ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर राघव चड्ढा को सदन में पार्टी के उप नेता के पद से हटाने की मांग की है. उन्होंने बताया कि पंजाब से राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल को नया उप नेता नियुक्त किया जा सकता है.
सूत्रों के मुताबिक, पत्र में यह भी कहा गया है कि चड्ढा – जो पंजाब से राज्यसभा सांसद भी हैं – को आप के कोटे से सदन में बोलने के लिए समय नहीं दिया जाना चाहिए. आप के अभी राज्यसभा में 10 सदस्य हैं, जिनमें पंजाब से सात और दिल्ली से तीन सदस्य शामिल हैं.
पार्टी गतिविधियों से दूरी और मुद्दों पर चुप रहना बड़ी वजह
सियासी गलियारों में इस बात को लेकर चर्चा है कि राघव चड्ढा के खिलाफ पार्टी के प्रति बेरुखी और पार्टी की गतिविधियों में भाग नहीं लेने की वजह से यह फैसला लिया गया है. क्योंकि राघव चड्ढा काफी समय से पार्टी के प्रमुख मुद्दों को लेकर चुप्पी साधे हुए थे. इतना ही नहीं पिछले दिनों जब शराब घोटाले में अरविंद केजरीवाल को राहत मिली थी तो वे न तो केजरीवाल से मिलने गए थे और न ही उन्होंने मामले में सोशल मीडिया पर कोई प्रतिक्रिया जताई थी. उनकी इसी चुप्पी को पार्टी से दूरी माना जा रहा और उन्हें जिम्मेदारी के पद से हटाने का निर्णय लिया गया.
राघव चड्ढा कौन हैं?
राघव चड्ढा आप के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य और प्रवक्ता हैं. वे चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं और 2022 में पंजाब से राज्यसभा सांसद चुने गए थे. राघव राज्यसभा के सबसे युवा सांसदों में शामिल हैं. दिसंबर 2023 में, जब आप सांसद संजय सिंह जेल में थे उसी दौरान राघव चड्ढा को पार्टी का राज्यसभा का नेता नियुक्त किया गया था. उन्होंने संसद में बच्चों की शिक्षा की बढ़ती लागत, कॉर्पोरेट फ्रॉड, ‘राइट टू रिकॉल’ जैसे मुद्दे उठाए.
डॉ. अशोक कुमार मित्तल कौन हैं?
डॉ. अशोक कुमार मित्तल पंजाब के जालंधर से संबंध रखते हैं. वे लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) के फाउंडर चांसलर हैं. व्यवसायी से राजनेता बने मित्तल ने 2022 में ही पंजाब से आप टिकट पर राज्यसभा का चुनाव जीता था. वे शिक्षा क्षेत्र में अपनी पहचान रखते हैं और कानून की डिग्री गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी से हासिल की है. वे आप के सक्रिय सांसद रहे हैं और सदन में स्वास्थ्य, शिक्षा व अन्य मुद्दों पर अपनी बात प्रमुखता से रखते आए हैं.





