एफएनएन, विकासनगर : Vikasnagar उत्तराखंड के विकासनगर में जमीन धोखाधड़ी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने करीब दो साल से फरार चल रहे आरोपी उदित कुमार वर्मा को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर स्थित मंडी क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। आरोप है कि आरोपी ने जमीन के असली मालिक की जगह खुद को पेश कर फर्जी आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों के जरिए जमीन के कागजात तैयार करवाए थे। पुलिस ने आरोपी की पहचान के लिए नेटग्रिड पोर्टल की मदद ली।
जमीन के असली मालिक की जगह खुद को किया पेश
पुलिस के मुताबिक, हरियाणा के फरीदाबाद निवासी अरुण कुमार ने 28 जून 2024 को कोतवाली विकासनगर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया कि गुरुबचन निवासी विकासनगर, मनुष निवासी ढकरानी, कमल सिंह निवासी बंशीपुर ढकरानी, चमन कुमार निवासी बाबूगढ़ विकासनगर और पूरण सिंह निवासी सदर बाजार सहारनपुर ने फर्जी आधार कार्ड तैयार कर उनकी जमीन से जुड़े दस्तावेज बनवाए और जमीन किसी अन्य व्यक्ति को बेच दी।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच के दौरान जमीन के दस्तावेजों में असली मालिक अरुण कुमार की जगह खुद को पेश करने वाले आरोपी उदित कुमार वर्मा की तलाश की जा रही थी। वह लंबे समय से फरार चल रहा था।
नेटग्रिड पोर्टल की मदद से हुई आरोपी की पहचान
पुलिस ने जांच के दौरान फर्जी आधार कार्ड में इस्तेमाल की गई तस्वीर को नेटग्रिड पोर्टल पर अपलोड किया। इससे प्राप्त जानकारी और सत्यापन के आधार पर आरोपी की पहचान उदित कुमार वर्मा के रूप में हुई।
पुलिस के अनुसार, आरोपी सहारनपुर के धोबी घाट, तोता चौक स्थित सिवेन्द्र विहार कॉलोनी का निवासी है। पहचान सुनिश्चित होने के बाद पुलिस टीम ने मंडी थाना क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।
जमीन का फर्जी मालिक बनने के लिए रकम का दिया गया लालच
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि वह पहले सुनार का काम करता था। चांदी के सामान की बिक्री के सिलसिले में उसका विकासनगर, सहसपुर और सेलाकुई आना-जाना रहता था। इसी दौरान उसकी पहचान गुरुबचन सिंह उर्फ बब्बू सरदार से हुई।
पुलिस के अनुसार, आरोप है कि गुरुबचन ने हरबर्टपुर में हरियाणा निवासी व्यक्ति के नाम दर्ज जमीन का फर्जी मालिक बनने के बदले उदित को मोटी रकम देने का लालच दिया था। इसके बाद आरोपी ने कथित तौर पर गुरुबचन और उसके साथियों के साथ मिलकर जमीन के असली मालिक के नाम पर फर्जी आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज तैयार किए।
आरोप है कि आधार कार्ड में अरुण कुमार की तस्वीर के स्थान पर उदित कुमार वर्मा की तस्वीर लगाई गई, ताकि उसे जमीन के वास्तविक मालिक के रूप में पेश किया जा सके।
वर्ष 2022 में तैयार किए गए थे जमीन के फर्जी दस्तावेज
पुलिस की जांच के मुताबिक, जमीन से संबंधित फर्जी दस्तावेज वर्ष 2022 में तैयार किए गए थे। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर 18 जुलाई 2022 को गुरुबचन ने जमीन की रजिस्ट्री अपने नाम करवा ली। इसके बाद जमीन का दाखिल-खारिज भी करा लिया गया।
बताया गया है कि जमीन पर कब्जा करने की कोशिश के दौरान असली मालिक अरुण कुमार को कथित धोखाधड़ी की जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने विकासनगर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई।
पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई में जुटी
विकासनगर पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी उदित कुमार वर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में फर्जी पहचान पत्र और जमीन के दस्तावेजों के जरिए कथित धोखाधड़ी किए जाने के आरोप हैं।
पुलिस की जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। जमीन के असली मालिक की पहचान का कथित दुरुपयोग कर रजिस्ट्री कराने का यह मामला जमीन संबंधी धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल से जुड़ा है।







