एफएनएन, देहरादून : Uttarakhand Bijli Sankat भीषण गर्मी के बीच उत्तराखंड में बिजली संकट लगातार गहराता जा रहा है। राज्य में बिजली की मांग बढ़कर 5.3 करोड़ यूनिट तक पहुंच गई है, जबकि उपलब्धता करीब 4.5 करोड़ यूनिट ही रह गई है। इस बढ़ते अंतर को देखते हुए उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) ने केंद्र सरकार से 150 मेगावाट अतिरिक्त बिजली की मांग की है।
UPCL के निदेशक जी.एस. बुदियाल के अनुसार, देशभर में जारी हीट वेव, अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां, गैस की सीमित उपलब्धता और जलविद्युत उत्पादन में गिरावट के कारण बिजली आपूर्ति पर दबाव बढ़ गया है।
राज्य में स्थापित 321 मेगावाट क्षमता के गैस आधारित संयंत्र गैस की कमी के कारण पूरी क्षमता से उत्पादन नहीं कर पा रहे हैं। वहीं, नदियों के जलस्तर में कमी से हाइड्रो पावर उत्पादन भी प्रभावित हुआ है, जिससे बिजली की मांग में करीब 5% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
घरों में इंडक्शन कुकर और अन्य बिजली उपकरणों के बढ़ते इस्तेमाल से 50 से 100 मेगावाट अतिरिक्त लोड भी बढ़ा है।
मुख्यमंत्री के विशेष अनुरोध पर केंद्र सरकार ने राहत देते हुए केंद्रीय पूल से 150 मेगावाट अतिरिक्त बिजली देने का आश्वासन दिया है। साथ ही, उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग की मंजूरी के बाद ऊर्जा एक्सचेंज के माध्यम से बिजली खरीद की योजना बनाई गई है।
मई 2026 के लिए 1 से 15 मई तक 100 मेगावाट और 16 से 31 मई तक 225 मेगावाट बिजली खरीदने की तैयारी की गई है।






