एफएनएन, वॉशिंगटन : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि ईरान के साथ चल रहे संघर्ष विराम (सीजफायर) को आगे बढ़ाया जा सकता है या नहीं भी बढ़ाया जा सकता, यह पूरी तरह हालात और बातचीत के नतीजों पर निर्भर करेगा। उनके इस बयान के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
एयर फ़ोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा कि अगर तय समय तक कोई समझौता नहीं होता है, तो सीजफायर को आगे बढ़ाने की संभावना कम हो सकती है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि स्थिति बिगड़ने पर सैन्य कार्रवाई फिर से शुरू की जा सकती है।
ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका की नौसैनिक नाकाबंदी जारी रहेगी, जबकि युद्धविराम पर अंतिम फैसला वार्ता के परिणामों के आधार पर लिया जाएगा। उन्होंने कहा, “शायद मैं इसे आगे न बढ़ाऊं, लेकिन नाकाबंदी जारी रहेगी। अगर समझौता नहीं हुआ तो हमें फिर से कार्रवाई करनी पड़ सकती है।”
मौजूदा सीजफायर 22 अप्रैल को समाप्त होने वाला है, जिसे लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है। इसी बीच अमेरिका और ईरान के बीच नई बातचीत की संभावना भी सामने आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल सोमवार को पाकिस्तान के इस्लामाबाद में मुलाकात कर सकते हैं, ताकि तनाव कम करने के लिए कोई नया रास्ता निकाला जा सके।
इससे पहले 11 से 12 अप्रैल के बीच इस्लामाबाद में हुई वार्ता को ऐतिहासिक माना गया था, लेकिन उसमें कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका। उस बातचीत की मध्यस्थता पाकिस्तान ने की थी और यह 1979 की ईरानी क्रांति के बाद पहली उच्च-स्तरीय सीधी बातचीत थी।






