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गणतंत्र दिवस पर बरेली में समृद्धि काव्य मंच और श्रीरामलीला सभा सुभाषनगर का विराट-अनूठा कवि कुंभ, जुटे 76 कवि

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शिक्षाविद्-समाजसेवी शंकरलाल गंगवार ने मुख्य अतिथि की हैसियत से फहराया राष्ट्रध्वज, युवा कवयित्री पूनम गंगवार पुष्पा के कुशल संयोकत्व में सात घंटे से भी ज्यादा बहती रही काव्य मंदाकिनी

फ्रंट न्यूज नेटवर्क ब्यूरो, बरेली। 77वें गणतंत्र दिवस के पावन पर्व पर सोमवार को सुभाषनगर, बरेली में समृद्धि काव्य मंच और श्रीरामलीला सभा के संयुक्त तत्वावधान में विराट कवि कुंभ आयोजित किया गया। कवि सम्मेलन में बैनर पर छपे 51 कवियों के स्थान पर आयोजन में कई घंटे बाद तक भी पहुंचते रहे स्थानीय और बाहरी 76 कवियों ने सरस-स्मरणीय काव्यपाठ किया। सबने खूब तालियां बटोरीं और भरपूर वाहवाही भी लूटी।

इस अवसर पर मंचासीन वरिष्ठ कवियों द्वारा श्रीरामलीला सभा, सुभाषनगर की स्मारिका के 23वें अंक का विमोचन किया गया। श्रीरामलीला सभा और समृद्धि काव्य मंच की ओर से सभी कवियों को संस्था की स्मारिका (धार्मिक पत्रिका), गिफ्ट पैक और स्मृति चिह्न प्रदान कर तथा फूलमालाएं पहनाकर अभिनन्दित भी किया गया।

युवा कवयित्री-समाजसेवी और श्रीरामलीला कमेटी महिला मंडल एवं समृद्धि काव्य मंच की अध्यक्ष पूनम गंगवार ‘पुष्पा’ के कुशल संयोजकत्व और श्रीरामलीला सभा के अध्यक्ष अशोक शर्मा, मंत्री आलोक तायल, सदस्य अखिलेश सिंह तायल तथा दोनों संगठनों के महिला-पुरुष पदाधिकारियों-सदस्यों के एकजुट-समन्वित प्रयासों से आयोजित इस कवि कुंभ समारोह का शुभारंभ प्रात: 11 बजे श्रीरामलीला सभागार के बाहर मुख्य अतिथि शंकरलाल गंगवार द्वारा राष्ट्र ध्वज फहराकर और सामूहिक राष्ट्रगान गाकर किया गया।

लखनऊ से आए सुप्रसिद्ध हास्य कवि गोपाल ठहाका और जाने-माने ग़ज़लकार, आशु कवि, सुयोग्य संचालक राज शुक्ल ‘ग़ज़लराज’ ने संयुक्त रूप से काव्यमय-स्मरणीय-सटीक संचालन कर कवि सम्मेलन की सफलता को कई गुना बढ़ा दिया।

लखनऊ से आए वरिष्ठ कवि महेश अष्ठाना, शीला वर्मा ‘मीरा’, ऋषि श्रीवास्तव, ‘मीरा’, वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. महेश ‘मधुकर’, नवगीतकार रमेश गौतम, रामपुर से आए जितेंद्र कमल आनंद और रामकिशोर वर्मा, सुभाष रावत ‘राहत बरेलवी’, भारतेंद्र सिंह, दीपक मुखर्जी ‘दीप’ आदि मंचासीन कवियों ने राष्ट्र भक्ति, हास्य, भक्ति, प्रेम और श्रृंगार में पगे सदाबहार गीत, छंद, दोहे, मुक्तक और ग़ज़ल सुनाकर पूरे सदन की खूब प्रशंसा बटोरी और कवि कुंभ को सफल-यादगार बनाने में अमूल्य सहयोग किया।

इनके अतिरिक्त सात घंटे से भी ज्यादा चले इस अनूठे कवि कुंभ में पूनम गंगवार ‘पुष्पा’, अलका गुप्ता, सरला वालिया, सविता मेहरोत्रा, उपमेंद्र सक्सेना, रामकुमार कोली, गणेश ‘पथिक’, प्रताप मौर्य ‘मृदुल’, आदित्य यदुवंशी, अभिषेक अग्निहोत्री, सुचित्रा डे, रामप्रकाश ‘ओज’, राजकुमार अग्रवाल ‘राज’, रामकुमार भारद्वाज ‘अफरोज़’, संध्या श्रीवास्तव ‘स्नेहा’, मुकेश ‘मीत’, डॉ. दीपंकर गुप्त, मनोज दीक्षित ‘टिंकू’, रीतेश साहनी, डीपी शर्मा ‘निराला’, डॉ. राजेश शर्मा ‘ककरैली’, अभिजीत ‘अवि’, मनोज सक्सेना ‘मनोज’, अखिलेश गुप्ता, मिथिलेश राकेश ‘मिथिला’, एसके कपूर और अन्य सभी कवियों ने भी अपनी श्रेष्ठ रचनाएं सुनाकर पूरे सदन को मंत्रमुग्ध कर दिया।

मां वीणापाणि के इन वरद पुत्र-पुत्रियों ने नवरसों की आनंददायी त्रिवेणी बहाते हुए साहित्य के उत्कृष्ट आयामों का सराहनीय प्रदर्शन किया। दोपहर में प्रसाद वितरण हुआ। सभी को चाय पिलाई गई और दही, अचार, चटनी के साथ स्वादिष्ट तहेरी का भोजन भी कराया गया।

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