एफएनएन, देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में इन दिनों तापमान 41 पार पहुंच चुका है जिससे इंसान तो इंसान पशुओं पर भी बुरा असर पड़ रहा है. पशु लू लगने से परेशान हो सकते हैं. ऐसे में एक्सपर्ट से जानिये कि किस तरह आपको अपने पशुओं का ध्यान रखना चाहिए.
देहरादून के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विद्यासागर कापड़ी ने लोकल 18 को जानकारी देते हुए कहा कि इंसानों के लिए जानलेवा बनी भीषण गर्मी इन दिनों जानवरों के लिए भी मुसीबत बन गई है. उन्होंने कहा कि हमारे किसान और पशुपालकों से अपील है कि दिन के समय में राजधानी देहरादून का तापमान बहुत बढ़ जाता है, इसीलिए दिन के वक्त अपने पशुओं को बाहर खुला ना छोड़ें. वहीं जानवरों के लिए उचित पानी और चारे की व्यवस्था भी की जानी चाहिए. कई लोग जानवरों को सुबह और शाम के वक्त ही पानी पिलाते हैं, लेकिन ऐसे ना करें दिनभर थोड़ी-थोड़ी देर बाद ताजा पानी उन्हें देते रहें. उन्होंने कहा कि अपने पशुओं को नहलाते हुए भी रहना चाहिए ताकि उनके शरीर का तापमान ज्यादा ना बढ़े. कई पशुपालक अपने पशुओं के लिए पंखे की व्यवस्था करते हैं, जिससे उन्हें लू लगने की संभावना कम होती है. जानवरों के रहने के लिए खुला और हवादार स्थान बनाएं.
गर्मी के कारण पशुओं में हो सकती है कई बीमारियां
डॉ विद्यासागर कापड़ी ने जानकारी देते हुए कहा कि जिस तरह इंसानों को गर्मी से कई तरह की बीमारियां होती हैं, उसी तरह जानवर भी गर्मी के कारण कई बीमारियों का शिकार होते हैं. इनमें लू लगना, पायरेक्सिया और डायरिया जैसी परेशानी हो सकती है. इसलिए किसान को चाहिए कि अपने पशुओं को खुले वातावरण के साथ-साथ दिन में 4 से 5 बार पशुओं को ताजा पानी और हरा चारा दें. उन्होंने कहा कि अपने पशुओं को मिनरल सप्लीमेंट दें और अगर भूसा दे रहे हैं, तो उसे भी गीला करके दें. इससे उसका पाचन भी ठीक रहेगा.
डॉ. विद्यासागर कापड़ी ने बताया कि पशुओं में लू लगने के लक्षण यह हैं कि जानवर खाना पीना छोड़ देता है. उसके शरीर के तापमान में वृद्धि होती है और उसे डायरिया जैसी समस्या हो जाती है. उसे सांस में परेशानी होने के कारण वह बार-बार अपनी जीभ को बाहर निकालता है. कई बार स्थिति ऐसी आती है कि पशु के मुंह से झाग आने लगता है.
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