उत्तराखंड : मानसिक स्वास्थ्य नियमावली लागू, नशा मुक्ति केंद्रों में भर्ती करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूरी

Stay connected via Google News
Follow us for the latest updates.
Add as preferred source on Google

एफएनएन, रुद्रप्रयाग:  प्रदेश में पहली बार मानसिक स्वास्थ्य नियमावली लागू कर नशा मुक्ति केंद्रों में मरीजों का उत्पीड़न रोकने और बेहतर इलाज को सुनिश्चित किया है। नशा मुक्ति केंद्रों में मरीज को भर्ती करने से पहले डॉक्टर की सलाह अनिवार्य होगी। प्रदेश में अब तक नियमावली के तहत 110 नशा मुक्ति केंद्रों ने पंजीकरण के लिए आवेदन किया है।

उत्तराखंड में नशा तस्करी को रोकने और नशे के तंत्र को ध्वस्त करने के लिए धामी सरकार सख्त कदम उठा रही है। प्रदेश में नशा मुक्ति केंद्रों को संचालित करने को मानसिक स्वास्थ्य नियमावली लागू की है। सरकार ने उत्तराखंड को वर्ष 2025 तक ड्रग्स फ्री बनाने का लक्ष्य रखा है। नशे से ग्रस्त व्यक्तियों को मुख्यधारा से जोड़ने व पुनर्वास के लिए प्रदेश के सभी जनपदों में नशा मुक्ति केंद्रों को प्रभावी बनाया जा रहा है।

WhatsApp Image 2023-12-18 at 2.13.14 PM
IMG-20260328-WA0026
previous arrow
next arrow

वर्तमान में चार इंटीग्रेटेड रिहैबिलिटेशन सेंटर फॉर एडिक्ट्स संचालित किए जा रहे हैं। राज्य सरकार की ओर से समाज के कई वर्गों और विशेषकर युवाओं में नशे के दुष्परिणामों को लेकर अभियान चलाया जा रहा है। ऐसे में नशे की गिरफ्त में आए लोगों को काउंसिलिंग और इलाज कर नशे से दूर किया जाएगा।

प्रदेश में ऐसे 11.70 लाख

उत्तराखंड में भी युवाओं में नशे की प्रवृत्ति एक प्रमुख समस्या के रूप में उभर कर सामने आ रही है। जिसका उनके मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की 2001 की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में मानसिक रोग से ग्रस्त व्यक्तियों का औसत कुल आबादी को 10 प्रतिशत है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तराखंड में मानसिक रोगियों की संख्या 11.70 लाख होने का अनुमान है।

WhatsAppImage2024-02-11at73136PM
WhatsAppImage2024-02-11at73136PM
previous arrow
next arrow
Shadow

गढ़वाल, कुमाऊं में 100 बेड के नशा मुक्ति केंद्र बनाने की योजना

नशे के आदी हो चुके लोगों के लिए इलाज के लिए प्रदेश सरकार की गढ़वाल और कुमाऊं में 100 बेड के नशा मुक्ति केंद्र बनाने की योजना है। अभी तक सेलाकुई में प्रदेश का एक मात्र मानसिक रोग अस्पताल है।

नशा छुड़वाने को टेली काउंसिलिंग की सुविधा

प्रदेश सरकार नशा मुक्ति के लिए बेहतर सेवाएं और इलाज की व्यवस्था कर रही है। नशा छुड़वाने के लिए टेली काउंसिलिंग की सुविधा भी दी जा रही है। टेली मानस के तहत 24 घंटे मानसिक स्वास्थ्य सहायता मुहैया कराई जा रही है। इसके लिए टोल फ्री नंबर-14416 एवं 18008914416 है।

नियमों का उल्लंघन करने पर जेल और जुर्माना

मानसिक स्वास्थ्य नियमावली का उल्लंघन करने पर दो लाख की जेल और पांच लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। पहली बार में उल्लंघन करने पर पांच से 50 हजार रुपये, दूसरी बार में दो लाख और बार-बार उल्लंघन पर पांच लाख जुर्माने किया जाएगा।

ये भी पढ़ें…पंजाब की रेल पटरियों पर किसान ने डाला डेरा, ‘हल्ला-बोल’, सैकड़ों में जुटे किसान; इन तस्वीरों में देखें

उत्तराखंड नशा मुक्त राज्य बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मानसिक स्वास्थ्य नियमावली के तहत बिना पंजीकरण चलने वाले नशा मुक्ति केंद्रों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग को प्रदेश भर से अब तक 110 केंद्रों से पंजीकरण के लिए आवेदन मिले हैं। जल्द ही इन केंद्रों का निरीक्षण जाएगा। -डाॅ. आर राजेश कुमार, सचिव स्वास्थ्य

Stay connected via Google News
Follow us for the latest updates.
Add as preferred source on Google

 

Hot this week

टिकट पर घमासान के बाद बौद्ध का राज्यसभा सफर शुरू, पार्टी ने जताया भरोसा

एफएनएन, नई दिल्ली : हरियाणा से कांग्रेस के नेता...

तेज रफ्तार वाहन ने स्कूटी को मारी टक्कर, युवा डॉक्टर की जान गई

एफएनएन, हरिद्वार : हरिद्वार के बहादराबाद थाना क्षेत्र में...

गोपेश्वर–चोपता मार्ग पर दर्दनाक हादसा, दो जवान गंभीर रूप से घायल

एफएनएन, चमोली : उत्तराखंड के चमोली जिले में गुरुवार...

बीएसएनएल ऑफिस के पास चल रहा था सट्टा कारोबार, पुलिस ने दबिश देकर किया खुलासा

एफएनएन, धमतरी : आईपीएल सट्टेबाजी के खिलाफ पुलिस ने...

Topics

तेज रफ्तार वाहन ने स्कूटी को मारी टक्कर, युवा डॉक्टर की जान गई

एफएनएन, हरिद्वार : हरिद्वार के बहादराबाद थाना क्षेत्र में...

गोपेश्वर–चोपता मार्ग पर दर्दनाक हादसा, दो जवान गंभीर रूप से घायल

एफएनएन, चमोली : उत्तराखंड के चमोली जिले में गुरुवार...

चारधाम यात्रा तैयारियों पर कांग्रेस का हमला, गणेश गोदियाल ने सीएम धामी को घेरा

एफएनएन, देहरादून : देहरादून से बड़ी राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img