Wednesday, February 11, 2026
03
20x12krishanhospitalrudrapur
IMG-20260201-WA0004
previous arrow
next arrow
Shadow
Homeराज्यदिल्लीभारत और जापान के बीच 19 मार्च को होगा शिखर सम्मेलन, जापान...

भारत और जापान के बीच 19 मार्च को होगा शिखर सम्मेलन, जापान के पीएम फुमियो नई दिल्ली का करेंगे दौरा

एफएनएन, दिल्ली : भारत और जापान के बीच 19 मार्च को शिखर सम्मेलन का आयोजन ​होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निमंत्रण पर जापान के पीएम फुमियो किशिदा 14वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए 19 से 20 मार्च को नई दिल्ली का दौरा करेंगे। यह जानकारी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने दी है। साथ ही उन्होंने कहा कि 21 मार्च को भारत-आस्ट्रेलिया के बीच शिखर सम्मेलन आयोजित होगा। इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी और आस्ट्रेलिया के पीएम स्काट मारिसन 21 मार्च को दूसरे भारत और आस्ट्रेलिया वर्चुअल शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।

  • चीन के साथ भारतीय छात्रों की पढ़ाई का उठाया गया मुद्दा

कोरोना के चलते चीन में बंद हुए कालेज से भारतीय छात्रों की पढ़ाई अधूरी रह गई है। विदेश मंत्रालय से जब पूछा गया कि क्या चीन भारतीय छात्रों की पढ़ाई पूरी करने की अनुमति देगा तो इस पर बागची ने कहा कि प्रतिबंध लगाए जाने के बाद से कई मौकों पर चीन के साथ इस मामले को उठाते रहे हैं। छात्रों की दुर्दशा को लेकर चीन को अवगत कराया गया है और कैसे चीनी प्रतिबंधों की निरंतरता उनके शैक्षणिक करियर को खतरे में डाल रही है।

साथ ही उन्होंने कहा कि लेकिन मैं स्पष्ट कर दूं कि चीनी पक्ष ने आज तक भारतीय छात्रों की वापसी के बारे में कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी है। हम चीन से अपने छात्रों के हित में एक अनुकूल रुख अपनाने का आग्रह करना जारी रखेंगे और यह कि वे चीन की जल्द वापसी की सुविधा प्रदान करें। वहीं, अरिंदम बागची से जब चीन के विदेश मंत्री के मार्च के अंत तक भारत की संभावित यात्रा के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इससे संबंधित मेरे पास कोई जानकारी नहीं है।

  • कच्चे तेल को लेकर भारत रूस का प्रमुख आपूर्तिकर्ता नहीं

यूक्रेन संकट पर विदेश मंत्रालय से जब पूछा गया कि क्या भारत रूस से कच्चा तेल खरीद रहा है। इस पर उन्होंने कहा कि भारत अपनी अधिकांश तेल आवश्यकताओं का आयात करता है। इसलिए हम अपनी तेल आवश्यकताओं के आयात की स्थिति के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजारों में हमेशा सभी संभावनाएं तलाश रहे हैं। मुझे नहीं लगता कि रूस एक प्रमुख आपूर्तिकर्ता रहा है।

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments