Thursday, January 22, 2026
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पीएम की सुरक्षा में चूक पर कैप्टन व भाजपा ने मांगा चन्नी का इस्तीफा, राज्य में की राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग

एफएनएन, चंडीगढ़ : पंजाब में फिरोजपुर रैली में जा रहे पीएम नरेन्द्र मोदी के काफिले की सुरक्षा में चूक का मामला गरमा गया है। गृह मंत्रालय ने इस संबंध में पंजाब सरकार से जवाब मांगा है। सीएम चन्नी ने गृह विभाग देख रहे उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा को अपने आवास पर बुलाया है। सीएम व डिप्टी सीएम के बीच मामले को लेकर बातचीत चल रही है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुनील जाखड़ ने सुरक्षा में चूक की निंदा की। कहा कि आज जो हुआ वह स्वीकार्य नहीं है। यह पंजाब के खिलाफ है। फिरोजपुर में भाजपा की राजनीतिक रैली को संबोधित करने के लिए प्रधानमंत्री के लिए एक सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित किया जाना चाहिए था। इस तरह लोकतंत्र काम करता है।

वहीं, भाजपा व पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इस चूक को गंभीर बताया है। कैप्टन ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा में चूक हुई है। मुख्यमंत्री और गृह मंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि अगर प्रदेश सरकार अपने देश के पीएम की सुरक्षा नहीं कर सकती तो इनकी क्या जरूरत है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को सत्ता में बने रहने का कोई हक नहीं है।

भाजपा के पंजाब प्रदेश प्रधान अश्वनी शर्मा ने कहा कि डीजीपी ने सड़क के रास्ते से जाने का सुझाव दिया था। शहीदों के स्मारक पर रोड की पूरी रेकी होती है, वहां चूक कैसे हो गई। कहा कि पंजाब में अराजक तत्वों का राज है। इसके सरगना मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी हैं। शर्मा ने दावा किया कि दूर-दूर से लोग प्रधानमंत्री की रैली में शामिल होने के लिए आ रहे थे। प्रशासन ने हमें रात को पूरा यकीन दिया था कि रैली के लिए आ रहे लोगों को कोई अड़चन नहीं दी जाएगी।

शर्मा ने आरोप लगाया कि लेकिन जिन लोगों ने रखवाली करनी थी वह खुद लाठियां चला रहे थे। ऐसा 21 स्थानों पर किया गया। उन्होंने मुख्यमंत्री पर डरने का आरोप लगाते हुए कहा कि इतनी बड़ी रैली होती देखकर वह घबरा गए थे। भाजपा के प्रदेश प्रधान अश्वनी शर्मा ने कहा कि पुलिस प्रशासन पंगु हो चुका है और सरकार की कठपुतली बनकर रह गया है। उन्होंने कहा कि इन्होंने शहीदों का भी अपमान किया है। पीएम शहीदों को नमन किया है। आज राहुल गांधी इस पर ट्वीट नहीं करेंगे। मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी में जरा सी भी नैतिकता है तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। इन्हें सरकार में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि जो सरकार संविधान के अनुसार नहीं चल सकती उसे सरकार में रहने का कोई अधिकार नहीं है।

पंजाब में भाजपा के चुनाव प्रभारी एवं केंद्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत ने कहा कि पीएम के रूट की जानकारी प्रदर्शनकारियों को देना और फिर उन्हें रास्ता जाम करने की सुविधा देना आपराधिक साजिश है। यह देश के प्रधानमंत्री की सुरक्षा के साथ गंभीर खिलवाड़ है। इसके लिए जो भी नेता, मंत्री व अधिकारी जिम्मेदार हैं, उन पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी ने कहा बठिंडा से आते हुए प्रधानमंत्री के काफिले को कोटकपूरा पुल पर रोका गया जो पंजाब सरकार की नाकामयाबी है। पुलिस की ओर से क्लियरेंस मिलने के बाद ही उनका काफिला रवाना हुआ था, लेकिन बीच रास्ते कोटकपूरा पुल पर उनके काफिले को रोक दिया गया। 20 मिनट के इंतजार के बाद उनका काफिला बठिंडा वापस लौट गया।

लेखी ने कहा प्रधानमंत्री ने वापस लौटते ही पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को धन्यवाद कहते हुए कहा कि वे सुरक्षित वापस लौट आए हैं। केंद्रीय मंत्री लेखी ने कहा प्रधानमंत्री के काफिले को रोकना सुरक्षा इंतजामों में बड़ी खामी है। जिसका संज्ञान लेते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पंजाब सरकार को नोटिस भेजकर 24 घंटे में जवाब मांगा है। पंजाब सरकार के जवाब आने के बाद ही केंद्र सरकार अपने कार्यवाही करेगी।

शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल ने भी सुरक्षा में चूक पर सवाल उठाए हैं। कहा कि पंजाब में अमन कानून की स्थिति पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है। हम यह लंबे समय से कह रहे हैं। मुख्यमंत्री राज्य को चलाने में सक्षम नहीं है।

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