एफएनएन, ऋषिकेश : Rishikesh उत्तराखंड के ऋषिकेश में अवैध गैस रिफिलिंग के कारोबार का मामला सामने आया है। रायवाला कोतवाली क्षेत्र के छिद्दरवाला ग्रामसभा में पूर्ति विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने एक किराये के मकान पर छापेमारी कर बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर और रिफिलिंग उपकरण बरामद किए। कार्रवाई के दौरान टीम को कुल 94 गैस सिलेंडर और पांच मोटर चालित रिफिलिंग किट मिलीं। पुलिस ने मौके से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। साथ ही, सिलेंडरों की ढुलाई में इस्तेमाल किए जा रहे एक लोडर वाहन को भी सीज कर दिया गया।
छिद्दरवाला के किराये के मकान में चल रहा था कथित कारोबार
जानकारी के अनुसार, छिद्दरवाला के एक रिहायशी इलाके में स्थित किराये के मकान में कथित तौर पर घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलेंडरों से गैस की अवैध रिफिलिंग की जा रही थी। इसकी सूचना मिलने पर पूर्ति विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर छापेमारी की।
तलाशी के दौरान मकान से बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर और रिफिलिंग में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद हुए। इतनी बड़ी मात्रा में सिलेंडरों और उपकरणों की मौजूदगी के बाद पुलिस इस गतिविधि से जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
94 सिलेंडर और पांच रिफिलिंग किट बरामद
संयुक्त टीम की कार्रवाई में कुल 94 गैस सिलेंडर बरामद किए गए। इनमें 62 व्यावसायिक (कमर्शियल) और 32 घरेलू गैस सिलेंडर शामिल हैं। इसके अलावा गैस भरने के लिए इस्तेमाल की जा रही पांच मोटर चालित रिफिलिंग किट भी मिली हैं।
पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में सामने आया है कि यहां गैस की रिफिलिंग करने के बाद आसपास के क्षेत्रों में आपूर्ति की जाती थी। हालांकि, इस कारोबार से जुड़े अन्य लोगों और गैस की खरीद-बिक्री के पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है।
चार आरोपी गिरफ्तार, लोडर वाहन सीज
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने रामजीत सिंह, सुमित, वीर सिंह और राजीव कुमार को गिरफ्तार किया। गैस सिलेंडरों को लाने-ले जाने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे एक लोडर वाहन को भी कब्जे में लेकर सीज कर दिया गया है।
रायवाला के एसएसआई विनोद कुमार के मुताबिक, आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस और पूर्ति विभाग बरामद सिलेंडरों के स्रोत का पता लगाने के साथ यह भी जांच कर रहे हैं कि इस गतिविधि में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।
ऋषिकेश, देहरादून और डोईवाला तक सप्लाई की जांच
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कथित तौर पर रिफिल की गई गैस ऋषिकेश, देहरादून, डोईवाला और आसपास के क्षेत्रों में सप्लाई की जाती थी। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि गैस किन माध्यमों से पहुंचाई जाती थी और किन स्थानों पर इसकी बिक्री की जाती थी।
सुरक्षा को लेकर भी उठे सवाल
घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलेंडरों से अनधिकृत तरीके से गैस भरने की गतिविधि से आग लगने और विस्फोट जैसी घटनाओं का खतरा पैदा हो सकता है। ऐसे में रिहायशी इलाके के भीतर इस तरह की गतिविधि सामने आने के बाद सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
फिलहाल, पुलिस और पूर्ति विभाग पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। जांच के बाद ही कथित अवैध कारोबार के नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों के बारे में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।








